RIMS- 2 Controversy:  नगड़ी में 227 एकड़ जमीन अधिग्रहण के खिलाफ राज्यपाल तक पहुंचा आदिवासियों का विरोध

अभी अभी आदिवासी जन सभा विशेष
Share Now

द जन सभा | डेस्क

रांची के कांके थाना क्षेत्र स्थित नगड़ी के इलाके में आदिवासियों की कृषि योग्य भूमि के अधिग्रहण को लेकर एक बार फिर विरोध तेज हो गई हैं। जमीन बचाओ संघर्ष समिति, नगड़ी, कांके ने झारखंड सरकार द्वारा RIMS-2 बनाने के नाम पर कुल 227.71 एकड़ जमीन को गैरकानूनी तरीके से अधिग्रहित किए जाने का आरोप लगाते हुए राज्यपाल को एक मांग पत्र सौंपा है। समिति का दावा है कि यह जमीन आदिवासियों के जीवन-यापन का एकमात्र जरिया है और इस पर उनका सदियों से कब्जा रहा है, जिसे वे किसी भी हाल में सरकार को नहीं देने की बात कही है ।

नगड़ी के ग्रामीणों का कहना है कि वे न तो विकास के विरोधी हैं और न ही RIMS-2 परियोजना के, लेकिन वे चाहते हैं कि सरकार इसे किसी दूसरी अनुपयोगी या खाली पड़ी जमीन पर बनाए। ग्रामीणों के मुताबिक, इस जमीन को बचाने के लिए उनका संघर्ष साल 2012 से लगातार जारी है। आदिवासियों ने अपने हक में कानूनी दलीलें पेश करते हुए भूमि अधिग्रहण अधिनियम 2013 की धारा 24(2), पेसा (PESA) कानून की धारा (33)1,2 और छोटानागपुर काश्तकारी अधिनियम (CNT Act) 1908 की धारा 50 एवं 46 का हवाला दिया है। उनका स्पष्ट कहना है कि ग्राम सभा की सहमति के बिना और किसी भी सामाजिक सर्वे या अनुसंधान के बिना किया जा रहा यह अधिग्रहण पूरी तरह से नियमों का उल्लंघन है, जिसे तुरंत रद्द करने की माँग राज्यपाल से किया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *