द जन सभा | निरंजन भारती
विकास परियोजनाओं के नाम पर दशकों पहले अपनी जमीन गंवाने वाले विस्थापितों का मुद्दा एक बार फिर गरमाने लगा है। लोकहित अधिकार पार्टी ने बोकारो स्टील प्लांट और कुंडौरी डैम के कारण विस्थापित हुए परिवारों को उनका हक, अधिकार और न्याय दिलाने के लिए एक बड़े आंदोलन का एलान किया है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष हरिनाथ साहू ने अपने दो दिवसीय सांगठनिक प्रवास के दौरान प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया और विस्थापितों की बदहाली पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि विकास की वेदी पर जिन लोगों ने अपने घर-बार और जमीन की कुर्बानी दी, उन्हें आज तक सिर्फ आश्वासन मिले हैं, न्याय नहीं। पार्टी अब इन विस्थापित परिवारों के उजड़े सपनों को हकीकत में बदलने और उनके अधिकारों की बहाली के लिए सड़क पर उतरकर संघर्ष करेगी।

आंदोलन की रणनीति तैयार करने के लिए लोकहित अधिकार पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष ने बोकारो जिला के अंगबाली, पेटरवार, फुसरो, जैना मोड़ और बहादुरपुर जैसे विभिन्न क्षेत्रों का सघन दौरा किया। इस दौरान उन्होंने टुपकाडीह और कुंडौरी बस्सी के उन विस्थापित परिवारों से सीधी मुलाकात की, जो सालों से बुनियादी सुविधाओं और उचित मुआवजे के लिए कानूनी व सामाजिक लड़ाई लड़ रहे हैं। विस्थापितों के दर्द और उनके लंबे, निष्फल आंदोलनों की दास्तां सुनने के बाद हरिनाथ साहू ने कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर एक व्यापक आंदोलन की रूपरेखा पर चर्चा की। इस मौके पर पार्टी के संगठन विस्तार और प्रदेश स्तरीय सदस्यता अभियान को भी गति दी गई। बैठक में बोकारो जिला महामंत्री मनेष कुमार, उपाध्यक्ष एवतराम नायक, संध्या कुमारी, सचिव प्रकाश नायक सहित राजन साव, भगवान दास, शंभू प्रसाद, आशीष गोराई और मनोज महतो जैसे कई वरिष्ठ कार्यकर्ता उपस्थित रहे, जिन्होंने इस विस्थापित आंदोलन को धार देने का संकल्प लिया।
