कांके न्यूज : मजबूत मन आत्मनिर्भर जीवन थीम पर कांके अंचल सभागार में विशेष कार्यशाला का आयोजन

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द जन सभा   |  निरंजन भारती

कांके थाना एवं ब्लॉक ऑफिस के संयुक्त तत्वावधान में सोमवार को कांके अंचल सभागार में मजबूत मन, आत्मनिर्भर जीवन थीम पर आधारित विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया । इस कार्यक्रम में ग्रामीण महिलाओं और युवाओं को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ स्वरोजगार के अवसरों की जानकारी दी गई। कार्यशाला में मुख्य अतिथि के रूप में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) मंत्रालय के निदेशक इंद्रजीत यादव और विशिष्ट अतिथि के रूप में सहायक पुलिस अधीक्षक (ASP) सह थाना प्रभारी साक्षी जमुआर उपस्थित थीं।

​कार्यशाला की मुख्य वक्ता, प्रतिष्ठित व्यवहार वैज्ञानिक एवं वैलनेस कंसलटेंट अनुराधा पलटा ने मानसिक स्वास्थ्य, तनाव प्रबंधन और आंतरिक मजबूती पर जोर देते हुए कहा, मानसिक स्वास्थ्य को लेकर समाज में फैली भ्रांतियों को दूर करना बेहद जरूरी है। मन का उदास या थका होना कोई पागलपन नहीं है, बल्कि यह शारीरिक बीमारी की तरह ही सामान्य है।

आज ग्रामीण महिलाओं पर घर-परिवार का दबाव है और युवाओं में भविष्य व नौकरी को लेकर भारी तनाव है। अगर हमारा मन अंदर से कमजोर हो जाए, तो बाहर की जिंदगी संभालना मुश्किल हो जाता है। इसलिए जब भी घबराहट या तनाव महसूस हो, तो उसे मन में दबाने के बजाय अपनों से साझा करें, गहरी सांस लेने की आदत डालें और सकारात्मक सोच के साथ अपनी आंतरिक क्षमता को पहचानें। मन के हारे हार है, मन के जीते जीत।

​MSME मंत्रालय के निदेशक इंद्रजीत यादव ने ग्रामीणों को आर्थिक आजादी का मंत्र देते हुए कहा, बड़ा बिजनेस शुरू करने के लिए लाखों रुपये की जरूरत नहीं होती, बल्कि छोटे स्तर पर दृढ़ संकल्प के साथ की गई शुरुआत ही आगे चलकर बड़ा रूप लेती है। सरकार की ‘उद्यम योजना’ के तहत घर से काम करने वाले या छोटे व्यापारी मुफ्त ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं, जिससे उन्हें सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ और बैंक से आसानी से लोन मिलने की राह खुलेगी। उन्होंने महिलाओं के लिए सिलाई-कढ़ाई, अचार-पापड़, मशरूम की खेती और युवाओं के लिए डिजिटल सेंटर व मोबाइल रिपेयरिंग जैसे कई सफल बिजनेस आइडिया भी साझा किए।

सहायक पुलिस अधीक्षक सह थाना प्रभारी साक्षी जमुआर ने मीडिया से बातचीत में कहा कि सुरक्षा के साथ-साथ समाज के सर्वांगीण विकास भी उतना ही जरूरी है । उन्होंने आगे कहा कि पुलिस और अंचल प्रशासन सिर्फ कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग को मानसिक और आर्थिक रूप से सशक्त देखने के लिए भी प्रतिबद्ध है। जब क्षेत्र की महिलाएं और युवा आत्मनिर्भर होंगे, तो अपराधों में अपने आप कमी आएगी और पूरा परिवार आगे बढ़ेगा।

कार्यशाला में जेएसएलपीएस से जुड़ीं स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपने विचार साझा किए। समूह की महिला सुनीता देवी ने कहा, अक्सर घर और पैसों की चिंता में हम खुद के मानसिक तनाव को भूल जाते हैं। आज इस कार्यशाला में आकर समझ आया कि खुद को शांत और मजबूत रखना कितना जरूरी है। जब हमारा मन ठीक रहेगा, तभी हम अपने काम और परिवार को बेहतर ढंग से संभाल पाएंगे। वहीं समूह की एक अन्य दीदी आरती महतो ने खुशी जताते हुए कहा, मुफ्त उद्यम रजिस्ट्रेशन और छोटे उद्योगों की जानकारी हमारे लिए बहुत फायदेमंद है। अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ सकता,  इसलिए हम सभी बहनें मिलकर समूह के माध्यम से अचार-पापड़ और सिलाई का काम शुरू करेंगी, ताकि किसी के आगे हाथ न फैलाना पड़े और हम आत्मनिर्भर बन सकें। कार्यक्रम का समापन उपस्थित सभी ग्रामीणों द्वारा मानसिक रूप से मजबूत रहने और आत्मनिर्भर बनने के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।

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