Hemant Soren News: CM हेमंत सोरेन ने 333 युवाओं को सौंपे नियुक्ति पत्र, रच दिया नया इतिहास!

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युवाओं को पारदर्शी रोजगार और आधी आबादी का सशक्तिकरण हमारी प्राथमिकता: हेमंत सोरेन

द जन सभा

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा है कि राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए युवाओं को निष्पक्ष रोजगार देना और महिलाओं को मुख्यधारा में शामिल करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री सोमवार को झारखंड मंत्रालय में नव नियुक्त इंटर व स्नातक प्रशिक्षित सहायक आचार्यों और आंगनबाड़ी पर्यवेक्षिकाओं के नियुक्ति-पत्र वितरण समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस भव्य समारोह में सीएम ने प्राथमिक स्तर (कक्षा 1 से 5) के लिए 160, उच्च प्राथमिक स्तर (कक्षा 6 से 8) के लिए 156 आचार्यों और 17 आंगनबाड़ी पर्यवेक्षिकाओं को खुद अपने हाथों से नियुक्ति पत्र सौंपे।

​सरकारी तंत्र के अंग बनकर समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाएं लाभ

​नवनियुक्त कर्मियों को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सिर्फ एक नौकरी नहीं है, बल्कि समाज और राज्य के निर्माण की एक बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने नवनियुक्त आचार्यों और पर्यवेक्षिकाओं से अपील की कि वे सरकार के प्रतिनिधि के रूप में गांव-गांव, घर-घर जाकर पूरी निष्ठा के साथ काम करें। सीएम ने जोर देकर कहा कि हमारी सरकार की प्रतिबद्धता समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति, विशेषकर आदिवासी, दलित और पिछड़े वर्गों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की है, जो सालों से पीछे छूट गए थे।

देश में पेपर लीक का दौर, झारखंड में रिकॉर्ड नियुक्तियां

​देश के अन्य हिस्सों में हो रही पेपर लीक की घटनाओं पर कटाक्ष करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां अन्य राज्यों में नियुक्तियां बाधित हो रही हैं, वहीं झारखंड में पूरी पारदर्शिता के साथ युवाओं को रोजगार मिल रहा है। उन्होंने आंकड़े पेश करते हुए बताया कि वर्तमान सरकार ने पिछले चार महीनों में शिक्षा विभाग में 9,000 से अधिक और बीते दो वर्षों में 16,000 से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियों से जोड़ा है। उन्होंने साफ किया कि मानव संसाधन को सशक्त करने के लिए विभिन्न विभागों में बहाली की यह प्रक्रिया आगे भी अनवरत जारी रहेगी।

​सुदूर क्षेत्रों में जाने से न कतराएं शिक्षक, कुपोषण मिटाना सामूहिक जिम्मेदारी

​शिक्षकों के ग्रामीण क्षेत्रों में जाने से कतराने की प्रवृत्ति पर सीएम ने नसीहत दी कि ऐसी सोच से राज्य का समग्र विकास संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि सुदूर और दुर्गम क्षेत्रों के बच्चे कच्ची मिट्टी की तरह हैं, जिन्हें तराशने और उनका भविष्य संवारने की चुनौती अब युवाओं के कंधों पर है। मुख्यमंत्री ने ‘सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस’ का जिक्र करते हुए कहा कि इसके जरिए राज्य की शिक्षा व्यवस्था के बुनियादी ढांचे में क्रांतिकारी सुधार किया जा रहा है। साथ ही, उन्होंने राज्य से कुपोषण जैसी गंभीर समस्या को जड़ से मिटाने के लिए सभी से सामूहिक जिम्मेदारी निभाने का आह्वान किया।

मंईयाँ सम्मान योजना से बेटियां बन रही हैं कलेक्टर

​महिला सशक्तिकरण का जिक्र करते हुए हेमंत सोरेन ने कहा कि आधी आबादी को पीछे छोड़कर कोई भी समाज आगे नहीं बढ़ सकता। वर्तमान में ‘झारखंड मुख्यमंत्री मंईयाँ सम्मान योजना’ के तहत लगभग 60 लाख महिलाओं को हर महीने वित्तीय सहायता देकर आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। उन्होंने गर्व से कहा कि इस योजना का लाभ पाकर आज राज्य की बेटियां कलेक्टर जैसे शीर्ष पदों तक पहुंच रही हैं। योजना में कुछ गड़बड़ियों की आशंका पर उन्होंने स्पष्ट किया कि 5-10 फीसदी गलत लोगों को रोकने के लिए 90 फीसदी जरूरतमंदों का हक नहीं मारा जा सकता।

मंच पर मौजूद रहे कई दिग्गज

इस गौरवपूर्ण और उत्साहजनक माहौल में आयोजित समारोह के दौरान राज्य के वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर, श्रम नियोजन एवं प्रशिक्षण मंत्री संजय प्रसाद यादव, मुख्य सचिव अविनाश कुमार, स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव उमा शंकर सिंह और प्राथमिक शिक्षा निदेशक मनोज कुमार रंजन सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी, नवनियुक्त अभ्यर्थी और उनके परिजन भारी संख्या में उपस्थित थे।

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