द जन सभा
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने झारखंड मंत्रालय में उद्योग विभाग की योजनाओं की उच्चस्तरीय समीक्षा की। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य में निवेश को बढ़ावा देने, औद्योगिक विकास की गति तेज करने और रोजगार के नए अवसर पैदा करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि निर्माणाधीन प्रमुख परियोजनाएं, जैसे लॉजिस्टिक पार्क और वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के काम में तेजी लाई जाए और इन्हें समयसीमा के भीतर पूरा किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि लॉजिस्टिक पार्क से राज्य की परिवहन और भंडारण प्रणाली मजबूत होगी, जिससे उद्योगों की लागत घटेगी। वहीं वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के बनने से झारखंड के व्यापारिक संबंध राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत होंगे, जिससे निवेशकों को आकर्षित करना आसान होगा।

बैठक में पारंपरिक कला और शिल्पकारों के संरक्षण को लेकर भी कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। मुख्यमंत्री ने माटी कला बोर्ड और झारक्राफ्ट की समीक्षा करते हुए कहा कि लौह-कर्म, काष्ठ-कर्म (लकड़ी का काम) और कुम्भकारी जैसे पारंपरिक व्यवसायों से जुड़े कारीगरों को सशक्त बनाना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इन कारीगरों को आधुनिक डिजाइन, पैकेजिंग और ब्रांडिंग का प्रशिक्षण दिया जाए ताकि उनके मिट्टी और लकड़ी के उत्पादों का मूल्य संवर्धन (वैल्यू एडिशन) हो सके। इन आधुनिक और बाजारोन्मुख उत्पादों की बिक्री बढ़ाने के लिए इन्हें राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों से जोड़ने की योजना बनाने को कहा गया है, जिससे युवाओं और स्थानीय कारीगरों को स्थायी रोजगार मिल सके।
यह भी पढ़ें: इस उच्चस्तरीय बैठक में उद्योग विभाग के मंत्री संजय प्रसाद यादव, मुख्य सचिव अविनाश कुमार, विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह और उद्योग सचिव अरवा राजकमल समेत झारक्राफ्ट की प्रबंध निदेशक गरिमा सिंह भी उपस्थित थीं।
