द जन सभा | निरंजन
कांके अंचल क्षेत्र के ग्राम हुसीर में रिंग रोड के समीप अदालत के आदेश पर काम रुकवाने गई पुलिस और प्रशासनिक टीम पर असामाजिक तत्वों ने जानलेवा हमला कर दिया। जानकारी के अनुसार, मौजा हुसीर की एक विवादित भूमि रकबा 1.64 एकड़ पर अनुमंडल दण्डाधिकारी सदर, रांची द्वारा धारा 163 BNSS के तहत यथास्थिति बहाल रखने का आदेश दिया गया था। इसके बावजूद द्वितीय पक्ष के लोग वहां जबरन निर्माण कार्य कर रहे थे। जब अंचल निरीक्षक चितरंजन टुडू, अंचलाधिकारी अमित भगत और कांके थाना प्रभारी कुणाल कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे, तो गुमला की रहने वाली निशा भगत नामक महिला ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर स्थानीय लोगों को प्रशासन के खिलाफ भड़काना शुरू कर दिया। इसके बाद उग्र हुई भीड़ ने लाठी, डंडे, टांगी और हॉकी स्टिक से सरकारी टीम को घेर लिया और अभद्र गालियां देते हुए उन पर हमला कर दिया। इस हिंसक झड़प में सब-इंस्पेक्टर अरविंद कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए, जिसके बाद पुलिस ने अतिरिक्त बल बुलाकर स्थिति को नियंत्रित किया और मौके से टांगी, तलवार व लाठी जैसे घातक हथियार जब्त किए।

इस दुस्साहस पर कड़ा रुख अपनाते हुए प्रशासन ने मुख्य आरोपी निशा भगत, बंधना उरांव, बुधनी देवी, विजय उरांव सहित 12 नामजद और कई अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ कांके थाने में कांड दर्ज करा दिया है। मामले की गंभीरता को रेखांकित करते हुए कांके के अंचलाधिकारी कुणाल कुमार ने कहा कि न्यायालय के स्पष्ट आदेश के बावजूद द्वितीय पक्ष द्वारा लगातार कानून का उल्लंघन कर अवैध निर्माण कराया जा रहा था। जब हमारी टीम आदेश का अनुपालन कराने पहुंची, तो बाहरी तत्वों द्वारा सुनियोजित तरीके से भीड़ को उकसाकर जानलेवा हमला कराया गया। सरकारी कार्य में बाधा डालना और कानून हाथ में लेना एक गंभीर अपराध है। अंचलाधिकारी ने साफ किया कि इस मामले में संलिप्त मुख्य आरोपियों और भू-माफियाओं के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
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