चतरा उपायुक्त ने आम्रपाली कोयला खदान के पुनः उपयोग को लेकर की बैठक

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टंडवा, आम्रपाली कोयला परियोजना क्षेत्र का बदलेगा स्वरूप? पुनः उपयोग को लेकर हितधारकों के साथ

चतरा, द जनसभा | गणेश प्रसाद

झारखंड के चतरा जिले के टंडवा स्थित आम्रपाली कोयला खनन क्षेत्र के भविष्य में उपयोग की संभावनाओं को लेकर जिला प्रशासन और विभिन्न हितधारकों के बीच बैठक हुई। समाहरणालय के सभा कक्ष में उपायुक्त रवि आनंद की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में कोयला खनन क्षेत्र के पुनः उपयोग को लेकर चल रहे अध्ययन पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक का आयोजन जस्ट ट्रांजिशन रिसर्च सेंटर (JTRC), आईआईटी कानपुर के सहयोग से किया गया। इसमें क्षेत्र के भविष्य की जरूरतों, स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संभावनाओं और पुनः उपयोग की प्रक्रिया में आने वाली चुनौतियों को समझने के साथ-साथ विभिन्न हितधारकों से सुझाव लिए गए।

बैठक में इस बात पर चर्चा हुई कि खनन क्षेत्र का भविष्य में किस तरह उपयोग किया जा सकता है, ताकि स्थानीय लोगों की आजीविका, पर्यावरण और सामुदायिक जरूरतों को ध्यान में रखा जा सके। चर्चा के दौरान आजीविका के नए अवसर पैदा करने, कौशल विकास, पर्यावरणीय पुनर्स्थापन, भूमि के बेहतर उपयोग और सामुदायिक बुनियादी सुविधाओं से जुड़े मुद्दे प्रमुखता से उठे। इसके साथ ही क्षेत्र में प्राथमिकता के आधार पर किए जाने वाले कार्यों की पहचान, विभिन्न विभागों और संस्थाओं के बीच समन्वय तथा संभावित साझेदारी के माध्यम से आगे की कार्ययोजना तैयार करने पर भी विचार-विमर्श किया गया।

अध्ययन से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि बैठक का उद्देश्य आम्रपाली कोयला खनन क्षेत्र के पुनः उपयोग को लेकर स्थानीय जरूरतों और संभावनाओं को समझना है। हितधारकों ने क्षेत्र की मौजूदा परिस्थितियों, ग्रामीणों की आवश्यकताओं और भविष्य में रोजगार तथा विकास की संभावनाओं से संबंधित सुझाव साझा किए। बैठक में मिले सुझावों को पुनः उपयोग के अध्ययन और आगे की कार्ययोजना में शामिल करने को लेकर चर्चा की गई। इस प्रक्रिया के तहत खनन क्षेत्र के भविष्य के उपयोग को लेकर स्थानीय समुदायों की भागीदारी और उनकी जरूरतों को समझने पर जोर दिया गया।

उपायुक्त रवि आनंद ने कहा कि आम्रपाली कोयला खनन क्षेत्र के पुनः उपयोग की दिशा में आगे बढ़ते हुए स्थानीय आवश्यकताओं, आजीविका के अवसरों, पर्यावरणीय पुनर्स्थापन और सामुदायिक हितों को ध्यान में रखना जरूरी है। उन्होंने कहा कि इस दिशा में किए जा रहे अध्ययन और आगे की प्रक्रिया में जिला प्रशासन की ओर से आवश्यक सहयोग दिया जाएगा। बैठक में जिला प्रशासन, सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटे,  खनन विभाग और ग्रामीण विकास से जुड़े अधिकारियों के साथ-साथ स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों, ग्रामीणों, स्वयं सहायता समूहों और गैर-सरकारी संगठनों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।

बैठक में जिला महाप्रबंधक, आम्रपाली-चंद्रगुप्त क्षेत्र, सीसीएल, टंडवा के परियोजना पदाधिकारी, सीसीएल के नोडल पदाधिकारी, जिला खनन पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी टंडवा, डीपीएम जेएसएलपीएस चतरा, संबंधित ग्राम पंचायतों के पंचायत सचिव और मुखिया सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे। इसके अलावा स्थानीय ग्रामीणों, स्वयं सहायता समूहों और गैर-सरकारी संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी चर्चा में भाग लिया।

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