द जन सभा डेस्क | रांची
हजारीबाग में प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान विवाद, पूर्व मंत्री पर अधिकारी से अभद्र व्यवहार का आरोप
झारखंड राज्य प्रशासनिक सेवा संघ (JHASA) की केंद्रीय कार्यकारिणी की बैठक शनिवार को रांची में हुई। संघ की अध्यक्ष रंजीता हेम्ब्रम की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में हजारीबाग के अंचल अधिकारी-सह-खास महाल पदाधिकारी आशुतोष के साथ 18 सितंबर को कार्यस्थल पर हुए कथित दुर्व्यवहार के मामले पर चर्चा की गई। संघ ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर घटना की निंदा की है और पूर्व मंत्री एवं बड़कागांव के पूर्व विधायक योगेंद्र साव के खिलाफ कार्रवाई तथा उनकी गिरफ्तारी की मांग की है।
संघ के मुताबिक, 18 सितंबर 2026 को अनमंडल पदाधिकारी, हजारीबाग के निर्देश पर अंचल अधिकारी सदर हजारीबाग द्वारा मौजा-कैंटोनमेंट स्थित खास महाल की सरकारी भूमि पर हो रहे कथित अनधिकृत निर्माण और अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई की जा रही थी। इसी दौरान पूर्व मंत्री एवं बड़कागांव के पूर्व विधायक योगेंद्र साव ने कथित तौर पर सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न की। संघ का आरोप है कि इस दौरान उन्होंने ड्यूटी पर तैनात अंचल अधिकारी के साथ अभद्र, आपत्तिजनक और असंसदीय भाषा का इस्तेमाल किया।
आवेदन देने के बावजूद एफआईआर दर्ज नहीं होने पर सवाल
प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि घटना के संबंध में संबंधित थाने में प्राथमिकी दर्ज करने और आगे की कार्रवाई के लिए 18 सितंबर 2026 को ही आवेदन दिया जा चुका है, लेकिन संघ के अनुसार अब तक इस मामले में प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है। प्रशासनिक सेवा संघ ने इसे लेकर चिंता जताई है और संबंधित अधिकारियों से मामले में कार्रवाई की मांग की है।
संघ ने कहा सरकारी काम में बाधा डालने वालों पर हो कार्रवाई
झारखंड राज्य प्रशासनिक सेवा संघ ने कहा है कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई अनमंडल पदाधिकारी, हजारीबाग के निर्देश पर की जा रही थी। संघ का आरोप है कि इसके बावजूद जिले के अनमंडल पदाधिकारी, पुलिस अधीक्षक और उपायुक्त की ओर से अब तक इस मामले में कोई हस्तक्षेप नहीं किया गया है। संघ ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए सरकारी कार्य में बाधा डालने और प्रशासनिक अधिकारी के साथ कथित अभद्र व्यवहार करने वाले व्यक्ति के खिलाफ तत्काल कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी
संघ ने कहा है कि यदि उसके पदाधिकारियों को अपने कार्यों के निर्वहन के दौरान वरिष्ठ अधिकारियों की ओर से आवश्यक संरक्षण और समर्थन नहीं मिलता है, तो संघ के पदाधिकारी कार्य बहिष्कार और चरणबद्ध आंदोलन के लिए बाध्य हो सकते हैं। साथ ही संघ ने अपने अधिकारियों के मनोबल और सम्मान की रक्षा के लिए आवश्यक संस्थागत एवं विधिक सहयोग उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता जताई है।
संघ की बैठक में सर्वसम्मति से निंदा
बैठक में शामिल पदाधिकारियों ने 18 सितंबर की घटना को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की और संघ के अनुसार सर्वसम्मति से कथित दुर्व्यवहार की कड़े शब्दों में निंदा की। संघ ने स्पष्ट किया कि सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने जैसी प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों के साथ किसी भी तरह के कथित दुर्व्यवहार या सरकारी कार्य में बाधा के मामले में कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई होनी चाहिए।
