500 से अधिक सीए विद्यार्थियों की रही भागीदारी
रांची: इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई), नई दिल्ली की बोर्ड ऑफ स्टडीज–ऑपरेशंस के तत्वावधान में दो दिवसीय मेगा सीए स्टूडेंट्स कॉन्फ्रेंस ‘दिव्यता–ए विजन बियॉन्ड बाउंड्रीज’ का शुभारंभ शनिवार को शौर्य ऑडिटोरियम, जेएपी-1, डोरंडा में हुआ। रांची शाखा के आतिथ्य में आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन में 500 से अधिक सीए विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया।
उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि झारखंड पुलिस के आईजी अनूप बिरथरे ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि सीए की परीक्षा कठिन मानी जाती है, जिसके लिए अनुशासन, ईमानदारी और निरंतर परिश्रम जरूरी है। लक्ष्य हासिल करने के लिए ज्ञान के साथ नैतिक मूल्यों, जिम्मेदारी और चरित्र निर्माण पर भी ध्यान देना आवश्यक है।
बोर्ड ऑफ स्टडीज–ऑपरेशंस के चेयरमैन सीए राजेश शर्मा ने कहा कि आईसीएआई विद्यार्थियों को बदलते व्यावसायिक परिवेश के अनुरूप तैयार करने के लिए लगातार प्रयासरत है। ऐसी कॉन्फ्रेंस विद्यार्थियों के ज्ञान, कौशल और व्यक्तित्व विकास का महत्वपूर्ण मंच है। उन्होंने तकनीकी दक्षता के साथ नवाचार और नेतृत्व क्षमता विकसित करने पर जोर दिया।
वाइस चेयरमैन सीए ज्ञान चंद्र मिश्रा ने कहा कि सीए पेशा केवल परीक्षा पास करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जीवनभर सीखने और खुद को बेहतर बनाने की यात्रा है। विद्यार्थियों को तकनीकी ज्ञान के साथ संचार कौशल, आत्मविश्वास और व्यावहारिक समझ विकसित करनी चाहिए।
आईसीएआई रांची शाखा के अध्यक्ष सीए अनीश जैन ने कहा कि रांची शाखा का प्रयास है कि यहां के सीए विद्यार्थियों को शिक्षा और प्रशिक्षण के समान अवसर बड़े शहरों की तरह मिलें। सम्मेलन से विद्यार्थियों को कई नए विषयों को सीखने और समझने का अवसर मिलेगा। सीए स्टूडेंट्स एसोसिएशन के रांची शाखा अध्यक्ष सीए हरेन्दर भारती ने अतिथियों, वक्ताओं और विद्यार्थियों का स्वागत किया।

सम्मेलन के मेंटर सीए रंजीत गाड़ोदिया ने ‘दिव्यता’ की अवधारणा को स्पष्ट करते हुए कहा कि इसका अर्थ अपनी सोच, क्षमता और संभावनाओं की सीमाओं से आगे बढ़ना है। रांची शाखा के उपाध्यक्ष सीए विवेक खोवाल, सचिव सीए दिलीप कुमार और कार्यकारिणी सदस्य सीए भुवनेश ठाकुर ने भी संबोधित किया।
पहले तकनीकी सत्र में सीए विजय सारदा ने प्रत्यक्ष कर से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी। उन्होंने ‘रिपील एंड सेविंग’, आयकर अधिनियम 2026 के तहत चैरिटेबल ट्रस्ट एवं एनजीओ तथा क्रिप्टोकरेंसी के कराधान पर चर्चा की। दूसरे सत्र में सीए अक्षांश गर्ग ने ‘व्हाट इफ यू विन द रॉन्ग गेम?’ विषय पर सफलता की वास्तविक परिभाषा, लक्ष्य निर्धारण और जीवन की प्राथमिकताओं पर चर्चा की।
तीसरे सत्र में सीए ऋषभ जैन ने साइबर सिक्योरिटी, थर्ड पार्टी क्लाउड, डिजिटल एसेट्स एवं क्रिप्टो की ऑडिटिंग और आईसीएआई कोड ऑफ एथिक्स पर जानकारी दी। अंतिम सत्र में ओसम डेयरी एवं दिशाएं के सह-संस्थापक सीए अभिनव शाह ने उद्यमिता, ब्रांड निर्माण और नए व्यावसायिक अवसरों पर विद्यार्थियों से संवाद किया।
तकनीकी सत्रों में कोल इंडिया के पूर्व सीएफओ सीए सुनील मेहता, रांची शाखा के पूर्व अध्यक्ष सीए जेपी शर्मा, सीए सचित गारोडिया, सीए आदित्य शाह और सीए गोपाल सिंह ने भी योगदान दिया। विद्यार्थियों ने विभिन्न विषयों पर पावरपॉइंट के माध्यम से रिसर्च पेपर प्रस्तुत किए। इनके मूल्यांकन के लिए सीए अनूप कुमार, सीए राजेश बिहारी, सीए सनी कुमार, सीए हर्ष अग्रवाल, सीए विशाल चंद्र और सीए अभिषेक कुमार निर्णायक के रूप में उपस्थित रहे।
सम्मेलन के आयोजन में कन्वेनर सीए हर्ष वर्मा, को-कन्वेनर सीए ऋषभ नंदा, सीए स्टूडेंट्स एसोसिएशन के उपाध्यक्ष हर्ष अग्रवाल, सचिव खुशी गुप्ता, हर्षवर्धन सिन्हा, कोमल अग्रवाल और आदित्य अग्रवाल की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
