पूर्व मंत्री, झारखण्ड सरकार की समन्वय समिति के सदस्य एवं झारखण्ड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष बंधु तिर्की ने कहा है कि बांग्लादेश में व्यापक पैमाने पर घटी हिंसा की घटनायें वास्तव में मानवता के सिर पर कलंक है. इसके साथ-साथ यह केन्द्र सरकार की विदेश नीति पर वैसा धब्बा है जिसे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अपनी सक्रियता और व्यावहारिक नीति से दूर कर सकते थे. श्री तिर्की ने प्रधानमंत्री मोदी से अपील की कि वे सभी वैश्विक मंचों के साथ ही विश्व समुदाय के बीच बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिन्दुओं के प्रति हुई हिंसा को सख़्ती के साथ उठायें और भारत में एकता तथा सामाजिक सौहार्द स्थापित करने के लिये व्यावहारिक स्तर पर तीव्रता के साथ कार्रवाई करें.
वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने कहा कि किसी भी परिस्थिति और परिवेश में सभी जातियों, समुदायों, धर्म और भाषा-भाषियों के बीच आपसी एकता, सौहार्द एवं परस्पर सहिष्णुता की भावना सबसे अधिक महत्वपूर्ण है क्योंकि इसके बाद ही आर्थिक विकास और समाज कल्याण की बात मायने रखती है. श्री तिर्की ने कहा कि बिना किसी किंतु-परंतु के बांग्लादेश में हुई हिंसक वरदातों की वे कठोर निन्दा करते हैं. जिस प्रकार वहाँ अल्पसंख्यक हिंदुओं के प्रति घटनायें घटी है वह निंदनीय है. श्री तिर्की ने कहा कि बांग्लादेश की घटना से सभी केवल एक बात सीख सकते हैं कि आपसी सौहार्द को बढ़ाने और परस्पर मतभेद को दूर करने के साथ ही फिरकापरस्त ताक़तों से दूर रहने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि भाजपा, पूरे समाज में शांति और सौहार्द की कीमत पर केवल अपने स्वार्थ को सिद्ध करना चाहती है जबकि कांग्रेस हमेशा से सांप्रदायिक सद्भाव की पक्षधर रही है.आज के परिप्रेक्ष्य में उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि वे अपने वैसे किसी भी स्वार्थ को तिलांजलि दें जिससे आपसी सद्भाव और सहिष्णुता को खतरा हो.
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