बुधवार से पूरे झारखंड में विशेष अभियान, संयुक्त खाद्य सुरक्षा आयुक्त खुद करेंगे फील्ड जांच
रांची: राज्य में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और लोगों के स्वास्थ्य को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। अब ठेले-खोमचे पर बिकने वाले गोलगप्पे, समोसे और अन्य खाद्य पदार्थों से लेकर बड़े होटलों और प्रतिष्ठानों में परोसे जाने वाले खाद्य उत्पादों तक की सघन जांच होगी। खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर उनकी जांच कराई जाएगी। मिलावट, दूषण या गुणवत्ता में किसी तरह की गड़बड़ी मिलने पर संबंधित व्यक्ति या प्रतिष्ठान के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इस संबंध में अपर मुख्य सचिव, स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग ने राज्य के सभी जिलों के अभिहित पदाधिकारियों एवं खाद्य सुरक्षा पदाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक की। बैठक में विशेष सचिव डॉ. नेहा अरोड़ा, अपर सचिव संदीप कुमार दोराईबुरू, संयुक्त सचिव अनुज कुमार प्रसाद, उप सचिव ध्रुव प्रसाद समेत सभी जिलों के संबंधित पदाधिकारी एवं प्रतिनिधि मौजूद रहे।
बैठक में अपर मुख्य सचिव ने खाद्य पदार्थों की जांच की पूरी प्रक्रिया की जानकारी ली। उन्होंने नमूने लेने, उन्हें प्रयोगशाला भेजने तथा जांच में गड़बड़ी मिलने के बाद संबंधित व्यक्ति या प्रतिष्ठान के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया की समीक्षा की।
उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि जांच अभियान केवल मिठाई, पनीर या चुनिंदा खाद्य पदार्थों तक सीमित नहीं रहे। ठेले-खोमचे से लेकर बड़े होटल और प्रतिष्ठानों तक सभी तरह के खाद्य पदार्थों की जांच की जाए। त्योहारों को देखते हुए अभियान को और तेज करने का निर्देश दिया गया है।
अपर मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि बुधवार से पूरे राज्य में खाद्य पदार्थों की सघन जांच शुरू की जाए। बाजार में किसी भी तरह की मिलावटी या दूषित खाद्य सामग्री की बिक्री न हो, यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी जिला अधिकारियों की होगी। जांच में गड़बड़ी मिलने पर खाद्य सुरक्षा संबंधी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।

अपर मुख्य सचिव ने संयुक्त खाद्य सुरक्षा आयुक्त अनुज कुमार प्रसाद को स्वयं फील्ड में जाकर जांच करने का निर्देश दिया। वे खाद्य पदार्थों के नमूने लेने, जांच प्रक्रिया का निरीक्षण करने और गड़बड़ी मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित कराएंगे। अधिकारियों को खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) के निर्धारित नियमों का कड़ाई से पालन करने का निर्देश भी दिया गया।
रांची और धनबाद में लगेंगे तीन चलंत जांच वाहन
खाद्य पदार्थों की त्वरित जांच के लिए राज्य में तीन चलंत जांच वाहन लगाए जाएंगे। इनमें दो वाहन रांची और एक वाहन धनबाद में लगाया जाएगा। इन वाहनों के जरिए जरूरत पड़ने पर मौके पर ही खाद्य पदार्थों की प्राथमिक जांच की जा सकेगी।
अपर मुख्य सचिव ने कहा कि अभियान की नियमित समीक्षा होगी। दुर्गा पूजा से पहले दोबारा बैठक कर जिलों में चल रहे जांच अभियान, लिए गए नमूनों, जांच के परिणाम और की गई कार्रवाई की जानकारी ली जाएगी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाए और लोगों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए।
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