द जन सभा | निरंजन भारती
कांके अंचल के नगड़ी मौजा में प्रस्तावित रिम्स टू (RIMS 2) की जमीन पर बुधवार को उस समय भारी बवाल खड़ा हो गया, जब इलाके में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन या स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी द्वारा भूमि पूजन किए जाने की अफवाह असामाजिक तत्वों के द्वारा फैलाई गई। इस भ्रामक खबर के जंगल में आग की तरह फैलते ही दर्जनों की संख्या में स्थानीय आदिवासी और ग्रामीण एकजुट हो गए। ग्रामीणों ने प्रस्तावित निर्माण का कड़ा विरोध करते हुए पूरी जमीन पर नए सिरे से सरना झंडे गाड़ दिए और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

दरअसल, नगड़ी, होचर, हुसीर, कांके और आसपास की सड़कों पर की गई बैरिकेडिंग को देखकर किसी अज्ञात व्यक्ति के द्वारा ग्रामीणों को बताया गया जमीन पर कब्जा कर भूमि पूजन की तैयारी की जा रही है, जिसके बाद वे भड़क उठे। हालांकि, यह पूरी तरह से एक अफवाह थी, क्योंकि भूमि पूजन को लेकर न तो कोई सरकारी आदेश जारी हुआ था और न ही किसी मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई थी।

मामले की गंभीरता को देखते हुए सरकारी जमीन पर ग्रामीणों की भारी भीड़ और हंगामे की सूचना पाकर स्थानीय प्रशासन और पुलिस बल मौके पर पहुंचे। कांके के अंचल अधिकारी (CO) अमित भगत ने इस पूरे घटनाक्रम पर स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि रिम्स टू के लिए चिन्हित इस जमीन का मुआवजा पूर्व में ही नियमानुसार दिया जा चुका है, इसलिए यह पूरी तरह से सरकारी जमीन है। वहीं, कांके थाना प्रभारी सह इंस्पेक्टर कुणाल कुमार ने बताया कि कुछ असामाजिक या शरारती तत्वों द्वारा आदिवासियों को झूठी और भ्रामक खबर बताकर विरोध करने पर मजबूर किया गया है। ग्रामीणों को भड़काने वाले तत्वों की पहचान की जा रही है। फिलहाल ग्रामीण लगातार रिम्स-2 के निर्माण को इस स्थान से हटाकर अन्यत्र करने की मांग पर अड़े हुए हैं और मौके पर तनाव को देखते हुए पुलिस बल सतर्क है।
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