द जन सभा | निरंजन भारती
दिल्ली में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में रांची की सड़कों पर उतरा झामुमो

देश की राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन और उन पर हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध में झारखंड मुक्ति मोर्चा ने केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। केंद्रीय नेतृत्व के निर्देश पर गुरुवार को झामुमो रांची जिला इकाई की ओर से शहर के प्रमुख अल्बर्ट एक्का चौक पर पीएम मोदी का पुतला दहन किया गया। पार्टी कार्यकर्ताओं ने केंद्र की भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और इस विरोध प्रदर्शन को छात्रों के अधिकारों की लड़ाई बताया।
जिला स्कूल से निकला जुलूस, अल्बर्ट एक्का चौक पर जलाया पुतला

पुतला दहन कार्यक्रम की शुरुआत रांची जिला स्कूल से हुई, जहाँ पार्टी के सभी स्तरों के नेता, कार्यकर्ता और मुख्य रूप से छात्र मोर्चा के प्रतिनिधि बड़ी संख्या में एकत्र हुए। इसके बाद झामुमो कार्यकर्ताओं ने जुलूस के रूप में अल्बर्ट एक्का चौक की ओर मार्च किया। इस दौरान कार्यकर्ता हाथों में तख्तियां लिए केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते नजर आए। अल्बर्ट एक्का चौक पहुँचकर कार्यकर्ताओं ने पुतला दहन कर अपना विरोध दर्ज कराया।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और NEET गड़बड़ी की जांच की उठी मांग
कार्यक्रम का नेतृत्व कर रहे झामुमो रांची जिला संयोजक प्रमुख मुस्ताक आलम ने केंद्र सरकार पर छात्र विरोधी रवैया अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा NEET 2026 और सीबीएसई मार्किंग में हुई कथित गड़बड़ियों के खिलाफ आवाज उठा रहे छात्रों पर दिल्ली में लाठीचार्ज करना बेहद निंदनीय है। मुस्ताक आलम ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तुरंत इस्तीफे की मांग की और कहा कि NEET परीक्षा में हुई गड़बड़ी की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
पुतला दहन कार्यक्रम में शामिल हुए झामुमो नेता और कार्यकर्ता

विरोध प्रदर्शन में झामुमो के जिला, महानगर और छात्र मोर्चा के दर्जनों वरिष्ठ नेता व कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम में मुख्य रूप से केंद्रीय सदस्य सह जिला संयोजक मंडली सदस्य अश्विनी शर्मा, केंद्रीय सदस्य समनूर मंसूरी, जिला/महानगर संयोजक मंडली सदस्य डॉ. हेमलाल मेहता, धर्मेंद्र सिंह, सोनू मुंडा, रामशरण तिर्की, अफरोज अंसारी, फरीद खान, अरुण वर्मा, विक्रम सिंह, आशुतोष वर्मा, आरिज खान, बीरू साहू, जीत गुप्ता, मनिंदर सिंह, कुलदीपक कुमार, अंकिता वर्मा, विजय महतो और मो. साजिद शामिल थे। इसके अलावा छात्र मोर्चा और युवा कार्यकर्ताओं में अमन तिवारी, असद फेराज टिंकू, गुलफ़्सा शामी, अतिकूर रहमान, मनीष राणा, प्रेम प्रतीक, कासिफ रजा, परवेज, रॉकी साह, मो. हमज़ा, नवीन तिर्की, चामू बेक, रौशन एमानुएल तिग्गा, सुरेश महतो, कुदूस अंसारी, महावीर विश्वकर्मा, जनक नायक, कलाम आजाद, सुजीत कुजूर, आदिल इमाम, विश्वजीत भट्टाचार्य, सज्जाद अंसारी, चिंतामणि सांगा, उत्तम यादव, अजीत लकड़ा, महादेव मुंडा, मो. असलम, बेलाल अंसारी, सागर वर्मा, कैथरीना तिर्की, मंटू पाण्डेय, गोपाल पाण्डेय, परवेज आलम, शांति तिर्की, अंशु लकड़ा, अजीत नायक, निखिल, साहिल हबीब, लाडले खान, साजिद कौसर, शिनन्दन मिश्रा, अजीजुल रहमान, अवधेश यादव, गुलाम रब्बानी, अरुण तिर्की, मो. कयूम, अनमोल रतन सांचा, अब्दुल इमरान, मो. फुरकान, सालो देवी, सुनीता लिंडा, मोजाहिद, विजय रविदास, नीरज भूषण, कामरान, सद्दाम, राजू, जावेद, बाबू, अफरीदी, प्रिंस, सोनू, गुड्डू, सबीबुल रहमान, रवि, नीलम देवी, शुकरमणि देवी, रिशु रितेश, ललित लिंडा, लालू राज यादव, राहुल वर्मा, राकेश वर्मा, मुस्लिम अंसारी, सऊद आलम, दीपक नंदा, वाइबुल अंसारी, अजय मंडल, रंजन सहाय, सैय्यद फिरोज आलम, फारुख खान, संजय टोप्पो, योगेन्द्र महतो, रिजवान, मो. शाहिद, चंदन केसरी, अमन कुमार, शिवम यादव और कमलेश समेत बड़ी संख्या में अन्य कार्यकर्ता भी उपस्थित रहे।
