द जन सभा | निरंजन भारती
सेंट्रल मुहर्रम कमेटी कांके की ओर से शनिवार को मोहर्रम का जुलूस बेहद अकीदत, शांति और आपसी सौहार्द के साथ निकाला गया। कमेटी के अध्यक्ष समनुर मंसूरी और मुख्य संरक्षक मुश्ताक़ आलम के कुशल नेतृत्व में निकाले गए इस जुलूस में गंगा-जमुनी तहजीब की अनूठी मिसाल देखने को मिली। जुलूस में पतराटोली, सेमरटोली, मिल्लत कॉलोनी, चूड़ी टोला और बाजार टांड समेत विभिन्न इलाकों के अखाड़े पूरी शानो-शौकत के साथ शामिल हुए। गाजा-बाजा, ढोल और ताशे की गूंज के बीच अखाड़े के खिलाड़ियों का उत्साह देखते ही बन रहा था।

जुलूस जैसे ही कांके के प्रसिद्ध लक्ष्मण चौक पर पहुंचा, वहां का माहौल पूरी तरह से उत्सव में बदल गया। विभिन्न अखाड़ों से आए जांबाज खिलाड़ियों ने पारंपरिक हथियारों जैसे तलवार, लाठी और बनेठी से एक से बढ़कर एक हैरतअंगेज खेल का प्रदर्शन किया। खिलाड़ियों के इस हैरतअंगेज शौर्य को देखने के लिए सड़क के दोनों ओर भारी संख्या में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। इसके बाद जुलूस का मुख्य अखाड़े में भव्य स्वागत किया गया, जहां सभी अखाड़ों के खलीफाओं और खिलाड़ियों ने अपनी कला की बेहतरीन नुमाइश पेश कर उपस्थित लोगों का दिल जीत लिया।
अतिथियों और खलीफाओं का पगड़ी पहनाकर स्वागत

मुख्य अखाड़े में खेल प्रदर्शन से पहले सेंट्रल मोहर्रम कमेटी की ओर से एक गरिमामयी सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कमेटी द्वारा कार्यक्रम में पहुंचे सभी विशिष्ट अतिथियों, विभिन्न अखाड़ों के खलीफाओं तथा मोजावरों का पारंपरिक कमिटी की ओर से पगड़ी भेंट कर और माला पहनाकर भव्य स्वागत किया गया। इस मौके पर मुख्य अतिथि के रूप में कांके के विधायक सुरेश कुमार बैठा और विशिष्ट अतिथि के रूप में ग्रामीण एसपी गौरव गोस्वामी, डीएसपी अमर कुमार पांडेय, कांके थाना प्रभारी सह इंस्पेक्टर कुणाल कुमार मौजूद रहे। इसके अलावा झामुमो प्रखंड अध्यक्ष नवीन तिर्की, कांग्रेस प्रखंड अध्यक्ष संजर खान, लोकहित पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष हरिनाथ साहू, सेंट्रल अंजुमन इस्लामिया कांके के सचिव मो. इरफान, अमन तिवारी, सरना समिति कांके के अध्यक्ष रंजीत टोप्पो और पूर्व मुखिया अभिषेक हेरेंज सहित क्षेत्र के कई गणमान्य लोगों को पगड़ी, तलवार और मोमेंटो भेंट कर सम्मानित किया गया। इस दौरान बेहतर प्रदर्शन करने वाले सभी अखाड़ों को भी कमेटी की तरफ से पुरस्कृत किया गया।
प्रशासनिक मुस्तैदी और विशिष्ट अतिथि का खेल प्रदर्शन

जुलूस के दौरान सुरक्षा और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने पहुंचे ग्रामीण एसपी गौरव गोस्वामी का एक अलग ही अंदाज अखाड़े में देखने को मिला। उन्होंने शांति व्यवस्था का संदेश देने के लिए खुद अखाड़े में उतरकर सेंट्रल कमिटी के अध्यक्ष समनुर मंसूरी के साथ पारंपरिक खेल का प्रदर्शन किया, जिसे देखकर वहां मौजूद लोगों ने तालियां बजाकर उनका हौसला बढ़ाया।
मुहर्रम का जुलूस हमें त्याग और सच्चाई के रास्ते पर चलने की प्रेरणा देता है: विधायक सुरेश बैठा

इस ऐतिहासिक मौके पर क्षेत्र की जनता को संबोधित करते हुए कांके विधायक सुरेश कुमार बैठा ने कहा कि मोहर्रम का यह जुलूस हमें त्याग, बलिदान और सच्चाई के रास्ते पर चलने की प्रेरणा देता है। कांके हमेशा से आपसी भाईचारे और सौहार्द की मिसाल रहा है। आज जिस तरह से सभी धर्म और वर्ग के लोगों ने मिलकर इस जुलूस को सफल बनाया है, वह यह साबित करता है कि हमारी एकता को कोई नहीं तोड़ सकता। मैं सभी से अपील करता हूं कि इस अमन और शांति के पैगाम को अपने दिलों में जिंदा रखें और क्षेत्र के विकास में मिलकर योगदान दें।
कांके की जनता ने फिर लिखी शांति और सौहार्द की नई इबारत: समनूर मंसूरी

सेंट्रल मुहर्रम कमेटी के अध्यक्ष समनूर मंसूरी ने सफल आयोजन पर सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी कांके की जनता ने शांति और सौहार्द की एक नई इबारत लिखी है। सभी अखाड़ों के खलीफाओं, खिलाड़ियों और स्थानीय प्रशासन के सहयोग से ही आज का यह आयोजन पूरी तरह अनुशासित और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सका है। हमारा मुख्य उद्देश्य समाज में आपसी प्रेम और भाईचारे को बढ़ावा देना है, जिसमें हम पूरी तरह सफल रहे हैं। सभी अखाड़ों ने जिस तरह अपनी कला का प्रदर्शन किया, वह काबिले तारीफ है।
अन्याय के खिलाफ डटने और इंसानियत की रक्षा का संदेश देता है मोहर्रम: मुस्ताक आलम

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए झामुमो के रांची जिला संयोजक सह मुख्य संरक्षक मुश्ताक़ आलम ने कहा कि मोहर्रम का त्योहार हमें अन्याय के खिलाफ डटने और इंसानियत की रक्षा करने का संदेश देता है। आज कांके लक्ष्मण चौक से लेकर मुख्य अखाड़े तक जो जनसैलाब और उत्साह देखने को मिला, वह हमारी साझी संस्कृति का प्रतीक है। हिंदू-मुस्लिम एकता की यह खूबसूरत तस्वीर ही हमारे देश की असली ताकत है। हम आगे भी इसी तरह मिल-जुलकर हर त्योहार को मनाते रहेंगे और समाज में शांति व्यवस्था कायम रखेंगे।
आयोजन को सफल बनाने में इनका रहा अहम योगदान

आयोजन को सफल बनाने में सेंट्रल मोहर्रम कमेटी के सचिव मो. फुरकान, अब्दुल इमरान, मंजर आलम, शाहिद अंसारी, अब्दुल अमन, मो. शमीम, अब्दुल राजिक, जेयरात अंसारी, इम्तियाज अंसारी, बशारत अंसारी, जावेद अख्तर, रेयाज अंसारी, मेराज छोटू, तारिक खान, नफीस, नुरुल होदा, अनीस अहमद, मनौवर बाबा, सोनू, अख़्तर मंसूरी, मो. तनवीर, सलमान अली खान, रिकी खान, शेख सहीउद्दीन, मो. हसनैन, सिकंदर रजा, अजीजुल अंसारी और अलीमुद्दीन अंसारी सहित कमेटी के सभी पदाधिकारियों एवं सक्रिय सदस्यों का अत्यंत सराहनीय और अहम योगदान रहा।
