रांची: झारखंड में गंभीर एवं जटिल बीमारियों के कारणों की पहचान, वैज्ञानिक अनुसंधान और बेहतर निदान की दिशा में बुधवार को महत्वपूर्ण पहल की गई। भारत सरकार के स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग की ओर से रांची के अनगड़ा में मॉडल ग्रामीण स्वास्थ्य अनुसंधान इकाई का शिलान्यास किया गया।
इस अवसर पर विधायक राजेश कच्छप एवं भारत सरकार के स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग की उप सचिव धारकत आर. लुइकांग (आईएएस) ने संयुक्त रूप से इकाई का शिलान्यास किया।
मॉडल ग्रामीण स्वास्थ्य अनुसंधान इकाई झारखंड के ग्रामीण एवं जनजातीय क्षेत्रों में पाई जाने वाली गंभीर और जटिल बीमारियों के कारणों की वैज्ञानिक पड़ताल, रोगों की पहचान और उनके निदान की दिशा में काम करेगी। यह इकाई रिम्स, रांची की बहुविषयक अनुसंधान इकाई के साथ समन्वय कर विभिन्न रोगों से जुड़े अनुसंधान एवं वैज्ञानिक अध्ययनों को आगे बढ़ाएगी।
इस पहल के माध्यम से स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं की पहचान कर उनके कारणों और संभावित जोखिम कारकों का वैज्ञानिक अध्ययन किया जा सकेगा। इससे बीमारियों के समय पर निदान, बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं और भविष्य में प्रभावी रोकथाम एवं उपचार की रणनीति तैयार करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
विशेष रूप से झारखंड की ग्रामीण एवं जनजातीय आबादी के लिए यह पहल महत्वपूर्ण मानी जा रही है। स्थानीय स्तर पर रोगों से जुड़े आंकड़ों और परिस्थितियों का अध्ययन होने से क्षेत्र विशेष में सामने आने वाली स्वास्थ्य समस्याओं को बेहतर तरीके से समझने में सहायता मिलेगी।
कार्यक्रम में डॉ. अनुप अन्विकर, निदेशक, राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान संस्थान, नई दिल्ली; डॉ. प्रवीण कुमार भारती, निदेशक, जनजातीय अनुसंधान संस्थान, जबलपुर; डॉ. प्रवीण कुमार त्रिपाठी, नोडल अधिकारी, मॉडल ग्रामीण स्वास्थ्य अनुसंधान इकाई, नामकुम; डॉ. लखन माझी, डॉ. शिशिर कुमार महतो, डॉ. अंजनी कुमार एवं डॉ. दिनेश सहित रिम्स के चिकित्सक, स्वास्थ्य एवं अनुसंधान क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञ और अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
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