रांची: केंद्रीय सरना संघर्ष समिति सह हेसल सरना समिति के संयुक्त तत्वावधान में पिस्का मोड़ सत्यारी सरना स्थल में सोमरा पहान, भुनू पहचान , जोगेंद्र पहान के अगुवाई में पारंपरिक रीति रिवाज एवं पूजा विधि विधान से किया गया। सभी ने अबीर गुलाल और सरय फूल खोसकर एक दूसरे से गले लगकर सरहुल पूजा की शुभकामनाएं दिए।
केंद्रीय सरना संघर्ष समिति के प्रदेश अध्यक्ष शिवा कच्छप ने कहा कि प्राकृतिक हमे जीवन जीने का तरीका सिखाता है, प्राकृति के बिना हमरा जीवन अधुरा है , प्राकृति के साथ छोड़ छाड़ करने से तरह – तरह के आपदा का सामना करना पड़ सकता है , इसलिए हम सभी को प्राकृतिक को संयोज कर रखना हम सभी का कर्तव्य ही नही हमरा धर्म भी है।
इस कार्यक्रम में मुख्य रूप सती तिर्की, अनीता उरांव, शोभा तिर्की, नीलम उरांव , नुरी तिर्की, मीणा देवी, प्रमिला उरांव , जितू तिर्की, बाबू टोप्पो, बिष्णु तिर्की, सुनीता कुजूर , पार्वती टोप्पो, दुलारी तिर्की, रजनी तिर्की आदि मौजूद थे।
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