युवक-युवती को छुड़ाने पहुंची पुलिस पर क्यों भड़की भीड़? सिद्धपा में पथराव, थाना प्रभारी समेत पांच घायल

रांची
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सिद्धपा में पुलिस पर पथराव किसके इशारे पर और क्यों हुआ? युवक-युवती को छुड़ाने पहुंची टीम पर हमला की असली सच्चाई क्या है ?

द जन सभा, चतरा- टंडवा

झारखंड के चतरा ज़िले के टंडवा थाना क्षेत्र के सिद्धपा गांव में युवक-युवती को कथित तौर पर बंधक बनाए जाने की सूचना पर पहुंची पुलिस और प्रशासन की टीम पर ग्रामीणों के एक समूह ने पथराव कर दिया। पुलिस के अनुसार, घटना 8 सितंबर की शाम की है। इस दौरान युवक-युवती को सुरक्षित बाहर निकालने की कोशिश की जा रही थी, तभी मौके पर मौजूद भीड़ उग्र हो गई और पुलिस टीम को घेरकर पथराव शुरू कर दिया। पथराव में टंडवा थाना प्रभारी पप्पू कुमार शर्मा, सदर थाना प्रभारी अनिल उरांव समेत पुलिसकर्मी और एक चालक घायल हुए हैं। पुलिस के अनुसार, हमले में पुलिस और सीसीएल से जुड़े पांच वाहन भी क्षतिग्रस्त हुए।

क्या था पूरा मामला?

अंचलाधिकारी टंडवा गौरव कुमार राय को सूचना मिली थी कि सिद्धपा गांव में प्रदीप टाना भगत के घर पर ग्रामीणों ने उनकी पत्नी सरिता देवी और मो. शहबाज अंसारी को पकड़कर रखा है। सूचना मिलने के बाद अंचलाधिकारी के निर्देश पर टंडवा पुलिस की टीम गांव पहुंची। पुलिस ने ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की और युवक-युवती को सुरक्षित बाहर निकालने का प्रयास किया। पुलिस ने बताया कि इसी दौरान हालात बिगड़ गए। भीड़ ने पुलिस टीम पर पत्थर बरसाना शुरू कर दिया। अचानक हुए पथराव से मौके पर अफरातफरी की स्थिति पैदा हो गई।

किन वाहनों को नुकसान पहुंचा?

पुलिस के अनुसार, पथराव में पांच वाहन क्षतिग्रस्त हुए हैं। इनमें टंडवा थाना का नया बोलेरो (112), सीसीएल सराढु पिकेट का निजी वाहन, सीसीएल बुकरू पिकेट का निजी वाहन, सदर थाना का नया बोलेरो (112) और सिमरिया थाना प्रभारी का काले रंग का स्कॉर्पियो शामिल है। पुलिस ने सरकारी और निजी वाहनों को हुए नुकसान को भी मामले की जांच में शामिल किया है।

कौन-कौन घायल हुआ?

पथराव में टंडवा थाना प्रभारी पप्पू कुमार शर्मा और सदर थाना प्रभारी अनिल उरांव घायल हुए हैं। इसके अलावा सहायक अवर निरीक्षक हरिपद महतो, सदर थाना के आरक्षी बैजनाथ कुमार महतो (394) और बुकरू पुलिस पिकेट के निजी वाहन चालक गणेश ठाकुर के घायल होने की जानकारी पुलिस ने दी है।

37 नामजद, 300 से 400 अज्ञात लोगों पर मामला

घटना के बाद पुलिस ने पथराव में शामिल लोगों की पहचान के लिए वीडियो रिकॉर्डिंग और स्थानीय चौकीदार से मिली जानकारी का सहारा लिया। पुलिस के मुताबिक, मामले में 37 लोगों को नामजद किया गया है, जबकि 300 से 400 अज्ञात लोगों के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने दो नामजद आरोपियों को गिरफ्तार की है वहीं अन्य अज्ञात की पहचान और गिरफ्तारी के लिए छापेमारी भी की जा रही हैं

दो आरोपी गिरफ्तार

पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया कि जांच के दौरान 10 सितंबर को दो नामजद आरोपियों को गिरफ्तार पुलिस ने गिरफ्तार की है । गिरफ्तार आरोपियों की पहचान चुरामण उरांव, पिता स्वर्गीय बिरसा उरांव और अशोक महतो, पिता लालदेव महतो के रूप में हुई है। दोनों डहू गांव के रहने वाले हैं। पुलिस का कहना है कि मामले में अन्य नामजद और अज्ञात आरोपियों की पहचान की जा रही है और उनकी गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई जारी है।

डीएसपी ने क्या कहा?

घटना को लेकर टंडवा पुलिस अनुमंडल कार्यालय में डीएसपी प्रभाकर रंजन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने बताया कि पुलिस ने घटना से जुड़े वीडियो और स्थानीय स्तर पर मिली जानकारी के आधार पर पथराव में शामिल लोगों की पहचान शुरू की है। डीएसपी के अनुसार, मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और दो आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कार्रवाई जारी है। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया है। जांच में पथराव की घटना, पुलिसकर्मियों पर हमला और वाहनों को हुए नुकसान के अलावा भीड़ में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।

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