सत्यानंद भोक्ता ने “प्रवासन सहायता केन्द्रों” का किया आनलाईन उद्धाटन

झारखंड
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झारखण्ड राज्य के प्रवासी कामगारों को दी जाएगी हर प्रकार की सहायता


प्रवासन सहायता केन्द्रों” में कामगारों को मिलेगी एक माह तक भोजन एवं आवास की निशुल्क सुविधा

रांची: श्रम मंत्री  सत्यानंद भोक्ता ने मंगलवार को झारखण्ड कौशल विकास मिशन सोसाईटी (श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग, झारखण्ड सरकार) के अंतर्गत संचालित ‘मुख्यमंत्री सारथी योजना’ के तहत देश के विभिन्न शहरों में स्थापित किए गए “प्रवासन सहायता केन्द्रों” का ऑनलाईन उद्धाटन किया।
उन्होंने कहा कि सरकार इस साल 20,000 युवक-युवतियों को रोजगार उपलब्ध कराएंगी। सुदूर गांव और क्षेत्र में रहने वाले सभी युवाओं के लिए परिस्थितियां ऐसी नहीं होतीं कि वे जिला हेडक्वाटर आकर प्रशिक्षण प्राप्त करें, इसलिए राज्य के सभी 264 प्रखण्डों में प्रशिक्षण केन्द्रों के माध्यम से युवाओं को प्रशिक्षण और रोजगार से जोड़ना हमारा लक्ष्य है।


श्री भोक्ता ने जानकारी दी कि देश के 8 शहरों में स्थापित “प्रवासन सहायता केन्द्रों” में नई दिल्ली, नीमराना (राजस्थान), अहमदाबाद (गुजरात), पुणे (महाराष्ट्र), हैदराबाद (आंध्र प्रदेश), बंगलुरू (कर्नाटक), चेन्नई (तमिलनाडु), तिरुप्पुर (तमिलनाडु) शामिल हैं। इन “प्रवासन सहायता केन्द्रों” के द्वारा  झारखण्ड राज्य के प्रवासी कामगारों को हर प्रकार की सहायता करने का प्रावधान किया गया है। इन “प्रवासन सहायता केन्द्रों” में कामगारों के लिए एक माह तक भोजन एवं आवास की निशुल्क सुविधा होगी। इसके अलावा कैरियर काउंसलिंग, चिकित्सा सुविधा एवं आपातकालीन सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।


श्रम मंत्री ने श्रम विभाग को सुझाव दिया कि वर्तमान 8 शहरों की तरह लेह-लद्दाख में भी “प्रवासन सहायता केन्द्र” स्थापित किए जाएं, क्योंकि झारखण्ड के प्रवासी मजदूर काफी संख्या में रोजगार के लिए वहां जाते हैं। उन्होंने ऑनलाइन माध्यम से जुड़कर “प्रवासन सहायता केन्द्र” में रह रहे प्रवासी युवतियों से बातचीत भी की।

श्रम विभाग के सचिव मुकेश कुमार ने कहा कि रोजगार के लिए राज्य से बाहर जाने वाले युवाओं और कामगारों के लिए प्रवासन सेवा केन्द्र स्थापित किए गए हैं। प्रवासन सहायता केन्द्रों के रूप में श्रम विभाग की यह पहल अपने युवाओं को दूसरे राज्यों में भी अपने राज्य और घर जैसा माहौल देने की कोशिश है।


उद्योग विभाग के सचिव प्रवीण कुमार ने कहा कि प्रवासन सहायता केन्द्र सभी प्रवासी मजदूरों के लिए सूचना और सहायता के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा। स्किल्ड पर्सनपॉवर के निर्माण में यह बहुत लाभदायक सिद्ध होगा।”


संजीव कुमार बेसरा, श्रम आयुक्त सह मिशन निदेशक, झारखण्ड कौशल विकास मिशन सोसाईटी ने कहा कि झारखण्ड के प्रवासी कामगारों को नए शहर, नई जगह पर भाषा, रहन सहन, खान पान, को लेकर परेशानियों का सामना न करना पड़े, इसलिए “प्रवासन सहायता केन्द्र” स्थापित किए गए हैं।”

कार्यक्रम में नियोजन एवं प्रशिक्षण निदेशालय से उप निदेशक, श्रीकांत मिश्रा, उप निदेशक देवेन्द्र प्रसाद, सहायक निदेशक अंजु अग्रवाल, नियोजन पदाधिकारी पंकज कुमार गिरि सहित जेएसडीएमएस एवं यूएनडीपी के प्रतिनिधिगण उपस्थित थे।

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