रांची/ विशेष संवाददाता: राजधानी रांची के एयरपोर्ट थाना इन दिनों जमीन दलालों के कथित संरक्षण को लेकर विवादों में घिरता नजर आ रहा है। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि थाना क्षेत्र में सक्रिय जमीन दलालों को पुलिस का मौन समर्थन प्राप्त है, जिसके कारण अवैध जमीन का कारोबार खूब फल फूल रहा है।

ग्रामीणों का कहना है कि एयरपोर्ट थाना क्षेत्र के कई मौजा में आदिवासी व जनरल जमीनों की खरीद-बिक्री नियमों को ताक पर रखकर की जा रही है। जब ग्रामीण या जमीन मालिक इसका विरोध करते हैं या शिकायत लेकर थाने पहुंचते हैं, तो उनकी बातों को गंभीरता से नहीं लिया जाता। उल्टे, दबाव बनाकर मामले को रफा-दफा करने का प्रयास किया जाता है।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ मामलों में जमीन दलाल खुलेआम थाने के आसपास मंडराते देखे जाते हैं, जिससे यह संदेश जाता है कि उन्हें पुलिस का संरक्षण प्राप्त है। इससे आम लोगों में भय का माहौल है और वे अपनी जमीन बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
सूत्रों का कहना है कि थाना क्षेत्र में जमीन से जुड़े कई विवादों में जानबूझकर कमजोर धाराएं लगाई जाती हैं या फिर मामले को “आपसी विवाद” बताकर ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है। सूत्र यह भी बताते हैं कि कुछ दलालों की थाने में सीधी पहुंच है, जिसके कारण पीड़ित ग्रामीण न्याय से वंचित रह जाते हैं।
हालांकि, इस पूरे मामले पर एयरपोर्ट थाना पप्रभारी की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। लेकिन लगातार बढ़ते आरोपों से यह सवाल उठने लगा है कि क्या वाकई कानून के रक्षक ही जमीन माफियाओं के लिए ढाल बने हुए हैं?
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और वरीय पुलिस अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा।
