
द जन सभा, डेस्क
नगड़ी और कांके थाना क्षेत्र में हुए दो बड़े सनसनीखेज मामलों का खुलासा करते हुए रांची पुलिस ने मुख्य सरगना को गिरफ्तार करने में बड़ी कामयाबी हासिल की है। पुलिस ने कटहल मोड़ के छड़-सीमेंट व्यवसायी राधेश्याम साहू पर जानलेवा हमला कराने और जमीन कारोबारी अनिल टाइगर का हत्यारा अभिषेक कुमार सिन्हा उर्फ सूरज सिन्हा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है । पकड़े गए आरोपी के पास से पुलिस ने घटना में इस्तेमाल किया गया मोबाइल फोन और दिल्ली व कोलकाता भागने की साजिश से जुड़े साक्ष्य बरामद किए हैं।
SSP रांची के निर्देश पर गठित विशेष अनुसंधान दल को गुप्त सूचना मिली थी कि व्यवसायी पर फायरिंग और अनिल टाइगर की हत्या का मुख्य मास्टरमाइंड सूरज सिन्हा शहर छोड़कर पिछले सात महीने से पश्चिम बंगाल में नाम बदलकर रह रहा था। इस सूचना पर ग्रामीण पुलिस अधीक्षक और नगर पुलिस अधीक्षक (द्वितीय) के नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया। पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए घेराबंदी की और आरोपी सूरज सिन्हा को उस समय धर दबोचा जब वह कोलकाता भागने की तैयारी कर रहा था।
पुलिस की कड़ी पूछताछ में आरोपी सूरज सिन्हा ने कबूला कि अनिल टाइगर को रास्ते से हटाने के लिए उसने 20 लाख रुपये की मोटी सुपारी ली थी। जांच में सामने आया है कि कांके थाना क्षेत्र के बोरिया स्थित करीब 10 एकड़ की कीमती पैतृक भूमि को लेकर अनिल टाइगर और देवव्रत नाथ शाहदेव के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। इस विवादित जमीन पर कब्जा करने और वर्चस्व कायम करने के लिए देवव्रत नाथ शाहदेव ने सूरज सिन्हा से संपर्क साधा था और अनिल टाइगर की हत्या की पूरी पटकथा लिखी थी।
इस हत्याकांड को अंजाम देने के लिए सह-आरोपी चामगुरू मीना के माध्यम से सूरज सिन्हा के बैंक खाते में सुपारी के रूप में पांच लाख का ऑनलाइन ट्रांजैक्शन भी किया गया था। इस रकम को हासिल करने के बाद सूरज सिन्हा ने अनिल टाइगर की गतिविधियों की रेकी करने के लिए अपने शूटरों को काम पर लगाया था। पुलिस इस मामले में शामिल दो शूटरों अमन सिंह और रोहित वर्मा सहित मुख्य साजिशकर्ता देवव्रत नाथ शाहदेव को पहले ही जेल भेज चुकी है, और अब मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी से इस पूरे मामले की कड़ियां जुड़ गई हैं।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, गिरफ्तार किए गए 32 वर्षीय अभिषेक कुमार सिन्हा उर्फ सूरज सिन्हा शिवगंज, हरमू रोड रांची का रहने वाला है जिसका पुराना आपराधिक इतिहास रहा है। वह इससे पहले भी हत्या के प्रयास, रंगदारी और आर्म्स एक्ट के कई गंभीर मामलों में जेल जा चुका है। उसके खिलाफ नामकुम, बोकारो, हजारीबाग मुफस्सिल और चास थाने में रंगदारी व अवैध हथियार रखने के कई मामले दर्ज हैं। पुलिस अब इसके अन्य मददगारों और आपराधिक संपर्कों की तलाश में जुट गई है।
मुख्य आरोपी को सलाखों के पीछे पहुंचाने में सहायक पुलिस अधीक्षक सह कांके थाना प्रभारी साक्षी जमुआर, वरिष्ठ पुलिस उपाधीक्षक मुख्यालय प्रथम अमर कुमार पाण्डेय, पुलिस उपाधीक्षक मुख्यालय द्वितीय अरविन्द कुमार सहित तकनीकी शाखा और सशस्त्र बल के जवानों ने मुख्य भूमिका निभाई है।
