जामा विधानसभा सीट पर शुरू से कब्जा रहा है अस्तित्व में आने के बाद इस सीट पर 13 बार चुनाव हुआ जिसमें आठ बार जेएमएम की जीत हुई है. 2005 के चुनाव को छोड़ दे 1980 से इस सीट पर जेएमएम का कब्जा है. इस सीट पर शिबू सोरेन और दुर्गा सोरेन भी जीत दर्ज कर चुके है हालांकि दुर्गा सोरेन की मौत के बाद शिबू सोरेन की बड़ी बहु 2009 के विधानसभा में राजनीति में आई. तब से लगातार वो तीन बार इस सीट से विधायक रह चुकी है. लेकिन 2024 में वह बीजेपी में शामिल हो गई और इसबार के विधानसभा चुनाव में वह जामताड़ा से चुनाव लड़ रही है वहीं जामा से लुईस मरांडी चुनावी मैदान में है तो बीजेपी ने सुरेश मुर्मू को उम्मीदवार बनाया है इस सीट पर 20 नवंबर को चुनाव होने है. आज से चुनाव प्रचार का शोर भी थम गया है लेकिन इस बीच इस सीट से जेएमएम की उम्मीदवार लुईस मरांडी का बड़ा बयान सामने आया है उन्होंने अपनी ही पार्टी के खिलाफ मोर्चा खोला है.
जामा में न पीने का पानी ना स्वास्थ्य की व्यवस्था
लुईस मरांडी का सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जहां वह मीडियाकर्मी से बात करते हुए कह रही है कि जामा से उम्मीदवार बनने के बाद वो लगातार क्षेत्र का भ्रमण कर रही है. और उन्होंने इस दौरान देखा की जामा में विकास के नाम पर कुछ नहीं हुआ है. जामा अब भी विकास से कोसों दूर है, और उनका इस चुनाव में मुख्य मुद्दा विकास ही रहेगा. वहां कनेक्टिविटी नहीं है उससे हम लोगों को जोड़ने का काम करेंगे. कॉलेज, आईटीआई जैसी कोई चीजे नहीं है जिससे बनाने का काम करेंगे. रोजगार लाने का काम करेंगे, पीने का पानी का व्यवस्था करेंगे. स्वास्थ्य क्षेत्र को देखेंगे. जब उनसे पूछा गया कि सरकार तो आपकी है फिर विकास क्यों नहीं हुआ तो उन्होंने कहा कि सरकार कोई भी हो विकास विधायक ही कराता है अपने क्षेत्र में.
जामा विधानसभआ में अबतक के विधायक
1967 मुंशी हासंदा निर्दलीय
1969 मदन बेसरा कांग्रेस
1972 मदन बेसरा कांग्रेस
1977 मदन बेसरा कांग्रेस
1980 देवान सोरेन जेएमएम
1985 शिबू सोरेन जेएमएम
1990 मोहरिल मुर्मू जेएमएम
1995 दुर्गा सोरेन जेएमएम
2000 दुर्गा सोरेन जेएमएम
2005 सुनील सोरेन बीजेपी
2009 सीता सोरेन जेएमएम
2014 सीता सोरेन जेएमएम
2019 सीता सोरेन जेएमएम
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