
रैयतों के साथ अंबा ने उपायुक्त एवं एसडीओ के साथ की बैठक
हजारीबाग संवाददाता: बड़कागांव की पूर्व विधायक और कांग्रेस की राष्ट्रीय सचिव अंबा प्रसाद ने मंगलवार को बड़कागांव के रोहाने कोल ब्लॉक से प्रभावित रैयतों और आदिवासियों की समस्याओं को लेकर डीसी ऑफिस में मुलाकात की। उपायुक्त हेमंत सती और एसडीओ आदित्य पांडे के साथ बैठक में उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि दशकों से जंगलों में रह रहे आदिवासियों को रोहाने कंपनी द्वारा जबरदस्ती हटाया जा रहा है, जो सरासर अन्याय है।
अंबा प्रसाद ने प्रशासन को चेताया कि जब तक विस्थापित परिवारों के मुआवजे, पुनर्स्थापन और पुनर्वासन की राशि का उचित निर्धारण नहीं हो जाता और न्यायालय का अंतिम फैसला नहीं आ जाता, तब तक किसी को उजाड़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
बैठक के दौरान अंबा प्रसाद ने कानूनी पेचदगियों को उठाते हुए कहा कि पूर्व में भूमि अधिग्रहण से संबंधित मामला वर्तमान में उच्च न्यायालय में लंबित है। उन्होंने तर्क दिया कि न्यायालय के आदेशानुसार भूमि की यथास्थिति बनी रहनी चाहिए, ऐसे में भूमि का नामांतरण या हस्तांतरण करना नियमों का उल्लंघन है।

उन्होंने मांग की कि सीएनटी एक्ट की अनदेखी कर खरीदी गई 70 एकड़ जमीन के लिए प्रभावितों को भूमि अधिग्रहण अधिनियम 2013 के तहत लाभ मिलना चाहिए। साथ ही, गैर-मजरूआ भूमि पर बसे परिवारों को भी संरचना मुआवजा और पुनर्वास राशि तत्काल उपलब्ध कराई जाए। उपायुक्त ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
बैठक में जिला परिषद सदस्य गीता देवी, दीपक करमाली, महेंद्र मांझी, गंगाराम मांझी, तालो बेसरा समेत दर्जनों ग्रामीण और रैयत मौजूद रहे, जिन्होंने कंपनी और प्रशासन की कार्यशैली पर कड़ा विरोध दर्ज कराया।
