झारखंड में महिलाओं और बच्चियों के साथ यौन उत्पीड़न का मामला लगातार बढ़ता जा रहा है. जिसपर आज झारखंड हाईकोर्ट में दायर याचिका पर सुनवाई हुई. चीफ जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद और जस्टिस एके राय की अदालत ने सुनवाई करते हुए इसके लिए पुलिस प्रशासन को जिम्मेदार बताया. चीफ जस्टिस ने रांची में महिलाओं और बच्चों के साथ हो रहे अपराध पर हर हाल में रोक लगाने का निर्देश दिया है. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि राज्य में हर रोज चेन छिनतई की घटना होती है. यह पुलिस प्रशासन की विफलता है. रांची के एसएसपी को चाहिए की वह देर रात जगह-जगह निरीक्षण करे. साथ ही हेलपलाइन नंबर भी हर समय उपलब्ध होना चाहिए ताकि कोई भी मुसीबत में हो तो उसकी मदद की जा सके. इसके साथ ही रांची में हर जगह सीसीटीवी लगाने का निर्देश दिया है जिससे अपराधियों को पकड़ने में आसानी होगी. और अपराध पर अंकुश लगाया जा सके.
अदालत ने कहा महिलाओं और बच्चियों के प्रति हो रहे अपराध जबतक कम नहीं होंगे उनके अंदर असुरक्षा की भावना खत्म नहीं होगी.इसके साथ ही अदालत ने बच्चों के सुरक्षा के लिए स्कूल बसों में महिला शिक्षक को रखने की बात कही है, ताकि बच्चे खुद को सुरक्षित महसूस कर सके. उन्होंने आगे कहा कि अगर स्कूल बस में ड्राइवर महिला हो तो बच्चों की सुरक्षा और बढ़ जाएगी. सुनवाई के दौरान कोर्ट में गृह सचिव, नगर विकास सचिव, महिला बाल विकास सचिव, रांची के डीसी-एसएसपी और निगम के प्रशासन सशरीर उपस्थित थे.
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