क्षत्रिय संगठन प्रतिनिधि महासभा झारखंड ने जताया रोष
रांची: लोकसभा चुनाव में बीजेपी द्वारा झारखंड से एक भी क्षत्रिय को उम्मीदवार नहीं बनाए जाने पर क्षत्रिय संगठन प्रतिनिधि महासभा झारखंड ने रोष जताया है। क्षत्रिय संगठन प्रतिनिधि महासभा के सह संयोजक मनीष सिंह ने कहा कि झारखण्ड में बीजेपी के द्वारा एक भी क्षत्रिय को टिकट नहीं दिया गया है। जिसका क्षत्रिय महासभा खुल कर विरोध करती है। महासभा भारतीय जनता पार्टी को चेतावनी देता है कि चुनाव में क्षत्रिय समाज को नजर अंदाज नहीं करें। अभी भी समय है। संभल जाय नहीं तो यह समाज बनाना जानती है, तो बिगाड़ना भी जानती है।
चतरा से कालीचरण सिंह, धनबाद से ढुल्लू महतो और सुनील सोरेन की जगह दुमका से सीता सोरेन को प्रत्याशी बनाया है। 14 में से 13 सीटों पर उम्मीदवार की घोषणा के बाद यह स्पष्ट हो गया कि झारखंड में राजपूत जाति पर नरेंद्र मोदी ने भरोसा नहीं जताया है। जबकि धनबाद और चतरा दोनों सीट से मौजूदा सांसद राजपूत जाति से ही आते हैं। क्षत्रिय जाति के बीच निराशा का माहौल है।
ज्ञात हो कि कुछ दिन पूर्व क्षत्रिय संगठन प्रतिनिधि महासभा झारखंड ने प्रेस वार्ता कर बीजेपी से झारखंड में क्षत्रिय को उम्मीदवार घोषित करने की मांग की थी। लेकिन रविवार को बीजेपी की ओर से झारखंड में लोकसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों के नामों की घोषणा कर दी है। इनमें दुमका से सीता सोरेन, धनबाद से ढुल्लू महतो और चतरा से कालीचरण सिंह को उम्मीदवार बनाया है। क्षत्रिय संगठन ने धनबाद से क्षत्रिय समाज से उम्मीदवार घोषित किए जाने की मांग रखी थी।
What do you feel about this post?
Like
Love
Happy
Haha
Sad
