50 साल के सफर के बाद CMAI रांची चैप्टर ने रचा इतिहास, एक ही दिन चार उपलब्धियों का साक्षी बना रांची

रांची
Share Now

द जन सभा, डेस्क | रांची

गोल्डन जुबली ईयर पर पुंदाग में भवन निर्माण के लिए भूमि पूजन किया गया

50 वर्षों के संघर्ष और उतार- चढ़ाव भरे सफर के बाद रांची चैप्टर ने रचा इतिहास

भारतीय लागत लेखाकार संस्थान (ICMAI) के रांची चैप्टर के लिए सोमवार का दिन कई मायनों में ऐतिहासिक रहा। गोल्डन जुबली वर्ष में प्रवेश कर चुके रांची चैप्टर ने एक साथ कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल कीं। पुंदाग में प्रस्तावित भवन के लिए भूमि पूजन, चैप्टर की 50 वर्षों की यात्रा, पांच दशक पहले संस्थान की नींव रखने वाले सदस्यों के सपनों को साकार करने की दिशा में कदम, झारखंड में पहली बार एडवांस्ड स्किल ट्रेनिंग प्रोग्राम (ASTP) की शुरुआत और महिला नेतृत्व के क्षेत्र में नई मिसाल इन सभी उपलब्धियों ने इस दिन को खास बना दिया।रांची चैप्टर की अध्यक्ष CMA मीरा प्रसाद के नेतृत्व में चैप्टर लगातार नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है। भूमि पूजन के मौके पर उन्होंने कहा कि यह केवल एक भवन के निर्माण की शुरुआत नहीं है, बल्कि उन सपनों को साकार करने की दिशा में बड़ा कदम है, जिनकी नींव पांच दशक पहले रखी गई थी। उन्होंने कहा कि 50 वर्षों के संघर्ष, उतार-चढ़ाव और निरंतर प्रयासों के बाद आज रांची चैप्टर एक नए इतिहास की रचना कर रहा है।

CMA मीरा प्रसाद ने कहा कि उनके लिए यह गर्व का क्षण है कि गोल्डन जुबली वर्ष में चैप्टर को एक साथ इतनी महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल करने का अवसर मिला। उन्होंने कहा, “हमारा प्रयास है कि रांची चैप्टर न केवल अपनी पुरानी विरासत को आगे बढ़ाए, बल्कि आने वाली पीढ़ी के लिए नए अवसर और बेहतर मंच तैयार करे। हमारे नेतृत्व में रांची चैप्टर लगातार नित प्रतिदिन नई ऊंचाइयों को छू रहा है और यह यात्रा आगे भी जारी रहेगी।” उन्होंने कहा कि पुंदाग में प्रस्तावित भवन चैप्टर की आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्थायी आधार बनेगा। यह भवन केवल ईंट और पत्थरों से तैयार होने वाला ढांचा नहीं होगा, बल्कि इससे जुड़ी उम्मीदें और पांच दशक की मेहनत की विरासत भी इसमें दिखाई देगी। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने 50 वर्ष पहले रांची में ICMAI चैप्टर की नींव रखने का सपना देखा था, उनके सपनों को आगे बढ़ाना वर्तमान पदाधिकारियों की जिम्मेदारी है।

पूर्वी भारत में कोलकाता के बाद रांची चैप्टर का यह दूसरा भवन होगा। भवन निर्माण के लिए पुंदाग में भूमि पूजन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष CMA चित्तरंजन चट्टोपाध्याय सहित ICMAI के वरिष्ठ पदाधिकारियों और रांची चैप्टर के सदस्यों की मौजूदगी में किया गया। इस मौके पर केंद्रीय परिषद सदस्य CMA अविजीत गोस्वामी, ICMAI-EIRC के अध्यक्ष CMA दामोदरा मिश्रा, सचिव एवं कोषाध्यक्ष CMA बिद्याधर प्रसाद, उपाध्यक्ष CMA अविजीत दत्ता, तत्काल पूर्व अध्यक्ष CMA आरती गांगुली समेत कई वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम में गोस्सनर कॉलेज के बर्सर प्रो. प्रवीण सुरिन, IQAC के समन्वयक डॉ. अजय कुमार, रांची चैप्टर के उपाध्यक्ष एवं कोषाध्यक्ष CMA नरेंद्र कुमार श्रीवास्तव, पूर्व अध्यक्ष एवं सदस्य CMA मिथिलेश कुमार प्रसाद, पूर्व अध्यक्ष CMA अनिल कुमार साव, CMA विभूति भूषण, CMA क्वैसर अमान, CMA ए. के. गुप्ता समेत अन्य सदस्य उपस्थित रहे। रांची चैप्टर की अध्यक्ष CMA मीरा प्रसाद और सचिव CMA अरुणजय कुमार सिंह भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।

झारखंड में पहली बार ASTP की शुरुआत

भूमि पूजन के बाद गोस्सनर कॉलेज सभागार में नव चयनित छात्रों के लिए 12 दिनों के लिए एडवांस्ड स्किल ट्रेनिंग प्रोग्राम (ASTP) का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम झारखंड में इस तरह के प्रशिक्षण की पहली बैच के रूप में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कार्यक्रम की शुरुआत ICMAI के राष्ट्रीय अध्यक्ष CMA चित्तरंजन चट्टोपाध्याय, रांची चैप्टर की अध्यक्ष CMA मीरा प्रसाद और अन्य पदाधिकारियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर की। ASTP के दौरान नव चयनित छात्रों को भारतीय लागत लेखाकार संस्थान, लागत लेखाकार के पेशे की संभावनाओं और उनकी जिम्मेदारियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। वक्ताओं ने कहा कि बदलते आर्थिक परिदृश्य में लागत लेखाकारों की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण हो रही है। छात्रों को तकनीकी ज्ञान के साथ अनुशासन, ईमानदारी और निरंतर कौशल विकास पर भी ध्यान देने की सलाह दी गई।

राष्ट्रीय अध्यक्ष ने छात्रों को दिए सफलता के गुरुमंत्र

भारतीय लागत लेखाकार संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष CMA चित्तरंजन चट्टोपाध्याय ने नव चयनित छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि लागत लेखाकार का पेशा केवल डिग्री हासिल करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह देश की अर्थव्यवस्था और उद्योगों को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने छात्रों से कहा कि अपने करियर में सफलता के लिए ज्ञान, अनुशासन, ईमानदारी और निरंतर सीखने की आदत को अपना आधार बनाएं। उन्होंने कहा कि बदलते दौर में तकनीक और नए कौशल को सीखना बेहद जरूरी है। छात्रों को सलाह देते हुए उन्होंने कहा कि “सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। अपने लक्ष्य को स्पष्ट रखें, मेहनत पर भरोसा करें और हर दिन खुद को पहले से बेहतर बनाने का प्रयास करें।” उन्होंने नव चयनित छात्रों से संस्थान की गरिमा और पेशे की विश्वसनीयता को बनाए रखते हुए देश के विकास में अपनी भूमिका निभाने का आह्वान किया।

महिला नेतृत्व ने पेश की मिसाल

रांची चैप्टर की मौजूदा अध्यक्ष CMA मीरा प्रसाद के नेतृत्व को इस पूरे आयोजन की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के तौर पर भी देखा गया। संस्थान में महिला नेतृत्व को मजबूती मिलने के साथ रांची चैप्टर की गतिविधियों और उपलब्धियों ने यह संदेश दिया है कि पेशेवर संस्थानों में महिलाएं नेतृत्व की जिम्मेदारी संभालते हुए नई दिशा तय कर सकती हैं। गोल्डन जुबली वर्ष में रांची चैप्टर का यह आयोजन अतीत, वर्तमान और भविष्य तीनों को जोड़ता नजर आया। पांच दशक पहले रखी गई नींव से लेकर नए भवन के निर्माण की शुरुआत और नई पीढ़ी के छात्रों के लिए ASTP की पहली बैच तक, सोमवार का दिन रांची चैप्टर की 50 वर्षों की यात्रा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव बन गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *