नीता अंबानी की पहल, हिंदी और मराठी के अखबारों से 30 हजार से अधिक पाठकों को मिलेगा लाभ
मुंबई। दृष्टिबाधित लोगों तक खबरों और जरूरी जानकारियों की पहुंच बढ़ाने के लिए रिलायंस फाउंडेशन ने हिंदी और मराठी के ब्रेल अखबारों का प्रकाशन पाक्षिक से साप्ताहिक करने का निर्णय लिया है। रिलायंस फाउंडेशन की संस्थापक एवं चेयरपर्सन नीता एम. अंबानी की पहल पर यह कदम उठाया गया है। इन अखबारों का प्रकाशन नेशनल एसोसिएशन फॉर द ब्लाइंड (एनएबी) इंडिया के सहयोग से किया जाता है। इससे 30 हजार से अधिक पाठकों को नियमित रूप से देश-दुनिया की खबरें पढ़ने का अवसर मिलेगा।
रिलायंस फाउंडेशन ने जनवरी 2026 में एनएबी इंडिया के 75वें स्थापना दिवस समारोह के दौरान पांच करोड़ रुपये की सहायता देने की घोषणा की थी। ब्रेल अखबारों का साप्ताहिक प्रकाशन इसी पहल का हिस्सा है। इसका उद्देश्य दृष्टिबाधित लोगों को सूचनाओं तक आसान और नियमित पहुंच उपलब्ध कराना है।
वर्ष 2003 में शुरू किए गए रिलायंस फाउंडेशन के दृष्टि कार्यक्रम के तहत जरूरतमंद लोगों को नेत्र चिकित्सा संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। इसमें आंखों की निशुल्क जांच, कॉर्निया प्रत्यारोपण और चश्मे उपलब्ध कराने जैसी सेवाएं शामिल हैं। इसके लिए एनएबी इंडिया, शंकरा आई फाउंडेशन और अरविंद आई केयर सिस्टम के साथ साझेदारी की गई है।
फाउंडेशन के अनुसार, दृष्टि कार्यक्रम के माध्यम से अब तक दो लाख से अधिक लोगों को मदद मिली है, जबकि 22,500 से अधिक लोगों की आंखों की रोशनी लौटाने में सहायता की गई है। ब्रेल अखबारों के साप्ताहिक प्रकाशन से दृष्टिबाधित पाठकों को समसामयिक घटनाओं और सामाजिक गतिविधियों की जानकारी नियमित रूप से मिल सकेगी।
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