हम इसी आंगन की छांव में पले-बढ़े हैं, गांव की महिलाएं मेरी मां हैं” कंबल वितरण में बोले: मंटू सिंह

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विशेष संवाददाता/ टंडवा : शीतलहर और कड़ाके की ठंड से जूझ रहे जरूरतमंद ग्रामीणों के लिए राहत सामग्री किसी वरदान से कम साबित नहीं होती है । पंचायत पोकला उर्फ कसियाडीह अंतर्गत आम्रपाली परियोजना से विस्थापित कुमडांग कला गांव में भाजपा नेता सह चतरा सांसद प्रतिनिधि (सीसीएल क्षेत्र) प्रेम विकास उर्फ मंटू सिंह द्वारा कंबल वितरण किया गया। कंबल पाते ही बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों के चेहरे खुशी से खिल उठे।


कंबल वितरण के दौरान मंटू सिंह भावुक नजर आए। इस दौरान उन्होंने बताया हम इसी आंगन की छांव में पले-बढ़े हैं। गांव की महिलाएं मेरी मां हैं। उन्होंने अपने आंचल से मुझे सींचा है, अपनी गोद में खिलाया है। आज जो भी हूं, इस गांव की मिट्टी और माताओं के आशीर्वाद से हूं।” उनकी इस भावनात्मक प्रतिक्रिया ने कंबल वितरण कार्यक्रम को और भी संवेदनशील व यादगार बना दिया।


इस अवसर पर बड़ी संख्या में वृद्ध महिलाएं उपस्थित थीं, जिन्होंने मंटू सिंह के प्रति आभार जताते हुए कहा कि कड़ाके की ठंड में मिला कंबल उनके लिए बहुत बड़ी राहत है। महिलाओं ने उन्हें बेटे समान बताते हुए दुआएं दीं। ग्रामीणों ने कहा कि इस ठंड में कंबल सिर्फ राहत नहीं, बल्कि सम्मान और अपनापन भी है।


मंटू सिंह ने कहा कि “सेवा ही मेरा धर्म है। और पुष की महीने ने जिस तरह से कड़ाके की ठंड पड़ रही है वैसे कठिन समय में गरीब, बुजुर्ग और विस्थापित परिवारों की मदद करना हमारी नैतिक और सामाजिक जिम्मेदारी है।

जब तक जरूरतमंदों को राहत मिलती रहेगी, यह सेवा जारी रहेगी।” ग्रामीणों ने इस मानवीय पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्य समाज में विश्वास और आपसी सहयोग को मजबूत करते हैं। कड़ाके की ठंड के बीच आम्रपाली विस्थापित गांव कुमडांग कला में किया गया यह कंबल वितरण कार्यक्रम इंसानियत, संवेदना और गांव से जुड़े गहरे रिश्ते का प्रतीक है ।

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