रांची : भाजयुमो प्रदेश कार्यालय मंत्री संजय कुमार ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर सरकार के विश्वविद्यालय संशोधन अधिनियम विधेयक का विरोध किया है.
श्री महतो ने झारखंड की हेमन्त सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि झारखंड सरकार जिस तरह से लगातार संविधान की रक्षा और सम्मान की बात मीडिया और जनता के बीच करती है वह गुमराह करने की दृष्टि से करती है, राज्य सरकार ने विश्वविद्यालय संशोधन अधिनियम के नाम पर जो विधेयक ले कर आई वो काफी दुर्भाग्यपूर्ण है.
विश्वविद्यालयों में कुलपतियों की नियुक्ति का अधिकार राज्यपाल को संविधान के तहत प्राप्त है क्योंकि विश्वविद्यालय एक स्वायत्त संस्था है जिसकी निगरानी और नियंत्रण का अधिकार महामहिम राज्यपाल को है ।
सरकार के द्वारा विधेयक के माध्यम से विश्वविद्यालयों में होने वाले छात्र संघ चुनाव को समाप्त कर सरकार द्वारा छात्र प्रतिनिधि की बात कही गई है जो अत्यंत ही दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है। क्योंकि भविष्य के नेता /कर्णधार इसी विश्वविद्यालय/ कॉलेज कैम्पसों से निकल कर राज्य और देश का नेतृत्व करते है ।
छात्र संघ चुनाव नही कराना छात्रों के मौलिक अधिकारों का हनन है जिसे बर्दाश्त नही किया जा सकता है । इस असंवैधानिक विधेयक का मैं पुरजोर विरोध करता हूँ।
