राष्ट्रीय जतरा महोत्सव की भव्यता बताती है कि पूर्वजों की विरासत को बनाए रखने में हम सफल हुए हैं : नरेश पाहन

आदिवासी जन सभा विशेष
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राष्ट्रीय जतरा महोत्सव में दिखा झारखंड की आदिवासी परंपरा व समृद्ध संस्कृति का अद्भुत नजारा

रांची: रांची के ऐतिहासिक मोरहाबादी मैदान में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय जतरा महोत्सव का शनिवार को धूम धाम से समापन हो गया. 31 जनवरी एक फरवरी को लगने वाले इस मेले में पारंपरिक वाद्य यंत्र, शृंगार प्रसाधन, खाने-पीने के स्टॉल व खिलौने की सैकड़ों दुकानें सजी थीं.

इसमें आदिवासी परंपरा व समृद्ध संस्कृति का अद्भुत नजारा दिखा. झारखंड के अलावा हिमाचल प्रदेश, उड़ीसा , छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल से भी लोग इसमें शामिल हुए. जतरा में शामिल होने वाली भीड़ को लेकर प्रशासन की ओर व्यापक इंतजाम किए गए थे.जतरा मे पहुंचे 200 से ज्यादा खोड़हा दलों को आयोजन समिति ने शौल और बुके देकर सम्मानित किया.

महोत्सव के अध्यक्ष नरेश पाहन ने कहा कि राष्ट्रीय जतरा महोत्सव हमारी संस्कृति तथा सभ्यता की पहचान है. जतरा एक-दूसरे से मिलाने का साधन हैं. जतरा के माध्यम से एक-दूसरे से मेल मिलाप होता है. और पूर्वजों के विरासत को बचाने का एक माध्यम है. महोत्सव मे पहुंचे खोड़हा दलों ने एक से बढ़कर एक रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत करते हुए समा बांध दिया.

झारखंड के कलाकारों ने एक से बढ़कर एक लोक संगीत की धमाकेदार प्रस्तुति दी है. नागपुरी स्टार नितेश कच्छप, पूनम कच्छप, पवन रॉय इत्यादि कलाकारों की प्रस्तुति ने राष्ट्रीय जतरा महोत्सव में आए लोगों का मन मोह लिया. लोग खूब झूमे थिरके.

समापन समारोह मे कांके विधायक सुरेश कुमार बैठा, महानगर कांग्रेस के अध्यक्ष डॉ कुमार राजा मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए. मौके पर श्री बैठा ने कहा कि राष्ट्रीय जतरा महोत्सव को इतना भव्य तरीके से करना अपने आप में ऐतिहासिक है.आगे उन्होंने कहा कि यहां उपस्थित भीड़ की कल्पना करना मुश्किल है, इतनी भीड़ के बावजूद कमाल का अनुशासन देखने को मिला है.

महोत्सव के कोषाध्यक्ष सूरज टोप्पो ने कहा कि राष्ट्रीय जतरा महोत्सव का यह दूसरा वर्ष है और इस वर्ष 33 अनुसूचित जनजाति के लोग अपने अपने खोड़हा दल के साथ इस महोत्सव में हिस्सा लेने पहुंचे और एकता का परिचय दिया. वहीं झारखंड के अलावा अन्य पांच राज्यों से कुल 250 खोड़हा दल हिस्सा लेंगे जो अपने आप में ऐतिहासिक रहा .

कार्यक्रम को सफल बनाने में अध्यक्ष नरेश पाहन , सोनू खलखो, अर्जुन मुंडा, रवि मुंडा, कोषाध्यक्ष विक्की करमाली,मीडिया प्रभारी निरंजन भारती, महासचिव नीलम बिरुली, उपाध्यक्ष अमित मुंडा, मिथिलेश कुमार,राकेश मुंडा,अमित तिर्की,अशोक मुंडा,कोषाध्यक्ष विक्की करमाली,मोहन तिर्की,सचिव अरुण पहान, सलाहकार मानसिंह मुंडा, दीप्तराज बेदीया,सहसचिव दीपक मुंडा,सह कोषाध्यक्ष सुरेश मिर्धा, रिकी नायक,मीडिया प्रभारी विनय नायक, सदस्य शीतल तिर्की इत्यादि का महत्वपूर्ण योगदान रहा .

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