
द जन सभा | डेस्क
झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने छात्रों के साथ कथित मारपीट को लेकर हेमंत सोरेन सरकार पर निशाना साधा है। मरांडी ने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ मारपीट की घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। मरांडी ने आरोप लगाया कि रांची, गिरिडीह और हजारीबाग में पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत पुतला दहन करने जा रहे छात्रों पर पुलिस की मौजूदगी में झामुमो कार्यकर्ताओं ने कथित तौर पर हमला किया। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करने के अधिकार पर हमला बताया।
भाजपा की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, मरांडी ने कहा कि छात्र झारखंड के छात्र आंदोलन से जुड़े फैसलों के विरोध में राहुल गांधी और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला दहन कर अपनी आवाज उठा रहे थे। उन्होंने दावा किया कि हजारीबाग के गांधी मैदान और गिरिडीह में छात्रों के साथ कथित मारपीट की गई, जबकि रांची में भी छात्रों पर हमले की बात सामने आई। मरांडी ने आरोप लगाया कि गिरिडीह और अन्य जगहों पर कुछ लोग मास्क पहनकर छात्रों के साथ मारपीट करने पहुंचे। उन्होंने कहा कि यदि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस की मौजूदगी में हमला हुआ है तो यह गंभीर मामला है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार को छात्रों के आंदोलन का जवाब संवाद और लोकतांत्रिक तरीके से देना चाहिए। मरांडी ने आरोप लगाया कि जब छात्र संगठित होकर आंदोलन कर रहे थे, तब सरकार ने उनके आंदोलन को खत्म करने के लिए अलग-अलग तरीके अपनाए।
मरांडी ने कहा कि सरकार से कथित तौर पर मिले छल के बाद छात्रों में नाराजगी स्वाभाविक है। इसके बावजूद छात्र शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने का प्रयास कर रहे थे। उन्होंने छात्रों के साथ कथित मारपीट को निंदनीय बताया। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि राज्य में विरोध और राजनीतिक असहमति को हिंसा या टकराव में बदलना किसी के हित में नहीं है। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं से राज्य के माहौल और लोकतांत्रिक परंपराओं पर प्रतिकूल असर पड़ता है। मरांडी ने पुलिस-प्रशासन से छात्रों के साथ हुई कथित मारपीट की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि घटना में जो भी लोग दोषी पाए जाएं, उनके खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि छात्रों और युवाओं के आक्रोश को दबाने के बजाय उनकी समस्याओं का समाधान बातचीत के जरिए किया जाना चाहिए। मरांडी ने कहा कि राज्य सरकार को टकराव की राजनीति से बचते हुए कानून-व्यवस्था और सामाजिक शांति बनाए रखने पर ध्यान देना चाहिए।
