The Jan Sabha चंदन पाठक

संवाददाता, रांची : राजधानी के सुकुरहुट्टू स्थित फुटबॉल मैदान में चल रही भव्य शिवमहापुराण कथा के तीसरे दिन शनिवार को श्रद्धा और भक्ति का अभूतपूर्व संगम देखने को मिला। श्री शिवाला सेवा समिति द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में प्रसिद्ध कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा को सुनने के लिए न केवल रांची, बल्कि पड़ोसी जिलों और अन्य राज्यों से भी भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। पूरा क्षेत्र ‘हर हर महादेव’ और ‘श्री शिवाय नमस्तुभ्यं’ के जयकारों से शिवमय हो गया।
सत्य और संस्कारों का दिया संदेश पंडित प्रदीप मिश्रा ने अपनी ओजस्वी शैली में शिव महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि महादेव ही इस सृष्टि के आधार हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं को प्रेरित करते हुए कहा कि जीवन में सत्य बोलना, माता-पिता का सम्मान करना और सनातन संस्कारों को अपनाना अनिवार्य है। कथा के दौरान उन्होंने बेलपत्र, भभूत और शिवलिंग पूजन के आध्यात्मिक महत्व को विस्तार से समझाया।
एक लोटा जल, सब समस्याओं का हल’ कथा का मुख्य आकर्षण पंडित मिश्रा का मूल मंत्र ‘एक लोटा जल, सब समस्याओं का हल’ रहा। उन्होंने कहा कि जब कोई भक्त सच्चे मन से घर से जल लेकर निकलता है, तो उसके कई दोष स्वतः समाप्त हो जाते हैं। इस संदेश ने श्रद्धालुओं को गहराई से प्रभावित किया और पूरा पंडाल भक्ति भाव में डूब गया।

लगभग तीन लाख श्रद्धालुओं की उपस्थिति आयोजन के तीसरे दिन जनसैलाब इस कदर उमड़ा कि पंडाल छोटा पड़ गया। अनुमान के मुताबिक करीब तीन लाख लोग कथा श्रवण के लिए पहुंचे, जिनमें महिलाओं और युवाओं की संख्या काफी अधिक थी। आयोजन स्थल को भव्य तरीके से सजाया गया है, जिससे वहां का वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक नजर आ रहा है।
राजनीतिक हस्तियों ने टेका मत्था इस धार्मिक अनुष्ठान में राजनीति जगत के कई दिग्गजों ने भी शिरकत की। भाजपा के नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू, भाजपा नेता रमेश सिंह और रांची के डिप्टी मेयर नीरज कुमार ने कथा सुनी। अतिथियों ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम समाज में सकारात्मक ऊर्जा और समरसता का संचार करते हैं।
व्यवस्था में जुटा प्रशासन और समिति यजमान विवेक कुमार और विनिता कुमारी ने विधि-विधान से पूजन किया, वहीं समिति के अध्यक्ष शितेश कुमार पूरी टीम के साथ व्यवस्थाओं की निगरानी करते रहे। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सुरक्षा, पेयजल, चिकित्सा और पार्किंग के कड़े इंतजाम किए गए थे। कथा के बाद आयोजित भंडारे में हजारों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। आगामी दिनों में भीड़ बढ़ने की संभावना को देखते हुए प्रशासन और स्वयंसेवक विशेष चौकसी बरत रहे हैं।

