पीएम बीएसएनल के स्वदेशी सी-डॉट कोर पर आधारित 4जी सेवाएं की करेंगे शुरूआत

कारोबार झारखंड न्यूज़ रांची
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झारखंड में 2195 टावर 4जी नेटवर्क में होंगे अपडेट 

रांची : बीएसएनल पूरे देश में स्वदेशी सी-डॉट कोर पर आधारित 4जी सेवाएं शुरू कर रहा है, जिसका इंटीग्रेशन टीसीएस/तेजस ने किया है। इसका शुभारंभ शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ओडिशा के झारसुगुड़ा से करेंगे। इस दौरान लगभग 97,500 मोबाइल 4 जी टावर, जिनकी लागत लगभग 37,000 करोड़ है, स्वदेशी तकनीक से निर्मित होकर राष्ट्र को समर्पित किए जाएंगे। इनमें बीएसएनएल द्वारा स्थापित 92,600 से अधिक 4 जी साइट्स शामिल हैं। इसके अलावा 18,900 से अधिक साइट्स डिजिटल भारत निधि से वित्तपोषित हैं, जो लगभग 26,700 अनकनेक्टेड गांवों को 4 जी सेवाओं से जोड़ेंगी, जिससे 20 लाख से अधिक नए ग्राहक लाभान्वित होंगे। ये टावर सौर ऊर्जा पर आधारित हैं और भारत का सबसे बड़ा हरित दूरसंचार क्लस्टर बनाते हैं। यह जानकारी बीसीएनएल झारखंड के सीजीएम विपुल अग्रवाल ने शुक्रवार को आयोजित प्रेसवार्ता में दी। उन्होंने कहा कि झारखंड में भी कुल 2195 4जी टावर को भी शुभारंभ होगा। 2750 गांवों को 4 जी सेवाओं से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए 755 मोबाइल टावर स्थापित किए जाने हैं, जिनमें से 652 टावर पहले ही चालू हो चुके हैं। 4जी सेवाओं के शुभारंभ के तुरंत बाद नेटवर्क को 5जी अपग्रेड किया जाएगा। यह जून 2026 तक 5जी में पूरी तरह अपग्रेड कर दिया जायेगा। उपरोक्त तीनों परियोजनाओं की कुल लागत झारखंड राज्य के लिए आरएस1573 करोड़ है।


श्री अग्रवाल ने बताया कि झारखंड राज्य में बीएसएनएल ने 4 जी सैचुरेशन प्रोजेक्ट के अंतर्गत दूरस्थ और दुर्गम गांवों को 4जी सेवाओं से जोड़ने का बड़ा कदम उठाया है। यह परियोजना भारत सरकार ने डिजिटल भारत निधि के अंतर्गत वित्तपोषित है और राज्य सरकार की मदद से लागू की जा रही है। राज्य में 4 जी ग्राहकों का आधार 6 माह में 10 हज़ार से बढ़कर 1.54 लाख तक पहुंच गया है। साथ ही, केवल एक अगस्त से 15 सितंबर 2025 तक आरएस1 फ्रीडम प्लान के अंतर्गत 50,000 से अधिक नए मोबाइल ग्राहक जुड़े हैं।

सीएमपीडीआई रांची के साथ बीएसएनएल का होगा एमओयू

बीएसएनएल झारखंड राज्य सरकार, विभिन्न पीएसयू और निजी क्षेत्र को अत्याधुनिक एंटरप्राइज समाधान भी प्रदान कर रहा है। इसी कड़ी में शनिवार को सीएमपीडीआई, रांची के साथ 5 जी सीएनपीएन (कैप्टिव नॉन-पब्लिक नेटवर्क) सेवाओं को लेकर एमओयू पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। यह सेवाएं कोल इंडिया लिमिटेड की खदानों में तैनात की जायेंगी। प्रेसवार्ता में डीजीएम प्लानिंग रामाश्रय प्रसाद, पीजीएम उमेश प्रसाद साह, अशोक कुमार दास, संजीव वर्मा समेत अन्य लोग मौजूद थे।

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