रांची: आगामी विधानसभा चुनाव का मोर्चा संभालने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी झारखंड आ रहे हैं। उम्मीद है कि कोरे आश्वासन और झूठे वादों की बरसात नहीं करेंगे। पांच वर्षों तक झारखंड की उपेक्षा करने वाले फिर झारखंड आकर भोली भाली झारखंडी जनता को ठगने का प्रयास करेंगे। उक्त बयान जारी कर प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता सोनाल शांति ने कहा कि- आखिर प्रधानमंत्री झारखंड क्या करने आ रहे हैं। झारखंडी जनता के हित में कौन सा निर्णय उन्होंने लिया है। उनके मंत्री और नेता उन्ही के इशारे पर झारखंड को सांप्रदायिकता के हवाले करने की तैयारी में है। तनाव की पृष्ठभूमि गृह मंत्री के इशारे पर तैयार की जा रही है। घुसपैठ का मामला पूरी तरह गृह मंत्रालय का है अपनी विफलता को झारखंड सरकार के माथे पर मढ़ रही है। 50 वर्षों के दौरान देश के कई राज्यों में जनसंख्या के घनत्व में भारी वृद्धि हुई है। शहरीकरण, आधुनिकीकरण सामायिक बदलाव के कई अन्य कारक रहे हैं। कई कारकों से पलायन और निवास हुआ लेकिन जनसंख्या वृद्धि को घुसपैठ की संज्ञा दी जा रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा के नेता घुसपैठ पर मुखर हो रहे हैं लेकिन केंद्र सरकार द्वारा दाखिल हलफनामे में घुसपैठ शब्द का जिक्र तक नहीं है,यह दोहरी नीति है जो झारखंडियों के लिए अपनाई जा रही है। उन्हें शब्दों के जाल में फंसाने की कोशिश हो रही है।
‘अबुआ आवास योजना की सफलता से विचलित है भाजपा’
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को अपनी सभा से सरना धर्म कोड का ऐलान करना चाहिए, पिछड़ों के आरक्षण की बात करनी चाहिए। झारखंड के बकाया 136000 करोड़ कैसे वापस करेंगे। इसकी घोषणा करनी चाहिए। उन्हें जवाब देना चाहिए की झारखंडियों से उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना क्यों छिनी,आज बेघर झारखंड वासियों का हमदर्द होने का नाटक क्यों कर रहे हैं। अबुआ आवास योजना की सफलता से भाजपा इतनी विचलित क्यों है कि उन्हें झारखंड से देश के अन्य राज्यों में आवास योजना की राशि स्थानांतरित करनी पड़ रही है।
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