
चतरा (झारखंड) : राज्य मंत्रिपरिषद द्वारा पेसा (PESA) नियमावली को मंज़ूरी दिए जाने के ऐतिहासिक फैसले पर झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो), चतरा जिला समिति की ओर से हर्षोल्लास एवं उत्साह के साथ खुशियाँ मनाई गईं। इस अवसर पर सैकड़ों की संख्या में जनप्रतिनिधि एवं झामुमो कार्यकर्ता शामिल हुए और माननीय मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के प्रति आभार व्यक्त किया।
झामुमो जिला कार्यालय, चतरा से केशरी चौक तक पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ एक भव्य एवं उत्साहपूर्ण जुलूस निकाला गया। जुलूस में शामिल कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को मिठाइयाँ खिलाकर और अबीर-गुलाल लगाकर अपनी प्रसन्नता व्यक्त की । ढोल-नगाड़ों एवं पारंपरिक वाद्य यंत्रों की गूंज से पूरा क्षेत्र उत्सवमय वातावरण से सराबोर हो उठा।
जुलूस के दौरान कार्यकर्ताओं ने नारेबाज़ी करते हुए राज्य सरकार के इस ऐतिहासिक निर्णय का स्वागत किया और पेसा नियमावली को आदिवासी एवं अनुसूचित क्षेत्रों के अधिकारों की रक्षा की दिशा में मील का पत्थर बताया। कार्यकर्ताओं ने कहा कि यह निर्णय जल, जंगल और ज़मीन से जुड़े मुद्दों पर स्थानीय समुदायों की निर्णायक भागीदारी सुनिश्चित करेगा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष ज्ञासेन ने कहा कि पेसा नियमावली की मंज़ूरी से ग्रामसभा को वास्तविक अधिकार प्राप्त होंगे और आदिवासी-मूलवासी समाज के संवैधानिक अधिकारों को मजबूती मिलेगी। वर्षों से लंबित इस मांग को पूरा कर राज्य सरकार ने जनजातीय समाज के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को साबित किया है।
कार्यक्रम में पार्टी के चतरा जिला अध्यक्ष निलेश ज्ञानसेन, जिला सचिव चंद्रदेव साहू, युवा जिला अध्यक्ष राहुल यादव, केंद्रीय समिति सदस्य अमरदीप प्रसाद सहित सभी प्रखंड अध्यक्ष, कोषाध्यक्ष, सचिव एवं सैकड़ों की संख्या में झामुमो कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
पूरे कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला। कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा लिए गए जनहितकारी निर्णयों की जमकर सराहना की और इसे आदिवासी समाज के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया।
