बेंगलुरु में मनाई गयी घर जैसी छठ पूजा
रांची/बेंगलुरु : सात और आठ नवंबर को बेंगलुरु स्थित आर्ट ऑफ लिविंग अंतर्राष्ट्रीय केंद्र में बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश और अन्य उत्तर भारतीय राज्यों से आए हजारों भक्तों ने श्रद्धापूर्वक छठ पूजा का पर्व मनाया । छठ के अवसर पर जिन लोगों को अपने शहर न जा पाने का मलाल रह गया था वे सभी आश्रम में गुरुदेव की उपस्थिति में छठ पर्व मनाकर अपनी कृतज्ञता और भावुकता व्यक्त करते दिखे।
छठ पर्व के लिए आश्रम के गुरुपादुका वनम में विशेष व्यवस्था की गयी थी, जहां भक्तों ने सूर्यदेव को अर्घ्य अर्पित कर उनसे आशीर्वाद प्राप्ति की कामना की। इस विशेष अवसर पर भक्तों को आध्यात्मिक गुरु और मानवतावादी गुरुदेव श्री श्री रवि शंकर जी का सान्निध्य भी प्राप्त हुआ। गुरुदेव ने भक्तों को संबोधित करते हुए कहा, “आप सभी यह सोचकर घर लौटें कि आप सौभाग्यशाली हैं और आप सभी को बहुत सारा आशीर्वाद मिल रहा है।”
भक्तों ने आर्ट ऑफ लिविंग अंतर्राष्ट्रीय केंद्र में छठ की संध्या पर पूजा और अर्घ्य देने के बाद सत्संग में भी भाग लिया जहां वे गुरुदेव के सान्निध्य में ज्ञानचर्चा और भजनों की धुन में झूमते हुए नजर आए। 8 नवंबर की प्रातः सूर्य की पहली किरण के साथ ही व्रतियों और श्रद्धालुओं ने भगवान सूर्य को अर्घ्य देकर पर्व का समापन किया।
इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक अन्नपूर्णा रसोई में ठेकुआ बनाने की सेवा भी की जहां हजारों श्रृद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
बेंगलुरु आश्रम में पिछले कई वर्षों से छठ पर्व का आयोजन किया जा रहा है जो न केवल भक्तों को एक साथ मिलकर धार्मिक अनुष्ठान करने का मंच प्रदान करता है बल्कि उन्हें सत्संग और सामूहिक ध्यान के माध्यम से एक गहरे आध्यात्मिक जुड़ाव का अवसर भी देता है।
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