भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने एक बार फिर हेमंत सरकार पर निशाना साधा है. ट्वीट कर कहा है कि हेमंत सरकार में साप्ताहिक परीक्षा के नाम पर मजाक चल रहा है. ऐसा लगता है कि परीक्षाओं के नाम पर भंडारे का आयोजन किया जा रहा है. कहीं एक ही बेंच पर छह-छह विद्यार्थी बैठकर परीक्षा दे रहे हैं, तो कहीं बरामदे में बिछाई गई दरी में छात्र-छात्राओं का एक झुंड परीक्षा दे रहा है. मूल्यांकन के उद्देश्य से ली जाने वाली इन साप्ताहिक परीक्षाओं से मूल्यांकन छात्रों का तो नहीं, परंतु हेमंत सरकार का जरूर किया जा सकता है कि कैसे हेमंत सरकार छात्रों के भविष्य के साथ खेल रही है. जेएमएम-कांग्रेस ने राज्य की शिक्षा व्यवस्था को अपना राजनीतिक प्रयोगशाला बनाकर रख दिया।
स्कूलों में न तो बैठने की व्यवस्था है, न तो कक्षाओं को संचालित करने के लिए भवन हैं, न तो पठन-पाठन का वातावरण है, और न ही छात्रों के उज्ज्वल भविष्य के लिए सरकार के पास कोई प्लान, ऐसे में झारखंड का भविष्य किधर जाएगा, आप खुद ही अंदाजा लगा सकते हैं. जेएमएम-कांग्रेस ने राज्य की शिक्षा व्यवस्था को अपना राजनीतिक प्रयोगशाला बनाकर रख दिया है. सरकारी स्कूलों में ना तो पर्याप्त शिक्षक हैं, ना ही बच्चों के बैठने के लिए पर्याप्त बेंच डेस्क… परीक्षा के दौरान एक ही बेंच पर 6-6 बच्चों को साथ बिठाकर सरकार छात्रों के भविष्य के साथ मजाक कर रही है.
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