रांची: मुख्य सरना स्थल मिसिर गोंदा में बिरसा विकास जन कल्याण समिति मिसिर गोंदा के तत्वावधान में आगामी प्रकृति महापर्व सरहुल पूजा 2024 की तैयारी को लेकर एक विशेष बैठक आहूत की गयी। जिसकी अध्यक्षता गांव के पाहन बिरसा पाहन ने एवं संचालन अनिल उरांव ने किया। बैठक में श्री पाहन ने कहा कि इस वर्ष की 10 अप्रैल2024 चैत्र द्वितीय शुक्ल पक्ष दिन बुधवार को उपवास, केकड़ा, मछली पकड़ाई एवं शाम सात बजे पवित्र सरना स्थल मिसिर गोंदा कांके डैम पार्क में पारंपरिक रीति रिवाज से जल रखाई पूजा होगी। वहीं, 11 अप्रैल चैत्र तृतीय शुक्ल पक्ष दिन गुरुवार को सरना पूजा स्थल में सुबह सात बजे पूजा आरंभ एवं शोभायात्रा अपराह्न तीन बजे सरना स्थल मिसिर गोंदा से सिरोम टोली सरना स्थल के लिए प्रस्थान करेगी। 12 अप्रैल 2024 चैत्र चतुर्थी शुक्ल पक्ष दिन शुक्रवार को फ़ूलखोंसी ( पुष्प अर्पण ) का कार्यक्रम होगी।
समिति के अध्यक्ष अनिल उरांव ने कहा कि इस वर्ष सरहुल पूजा पर पूरे आदिवासी समाज सरहुल शोभायात्रा में भव्य तरीके से निकल कर आदिवासी समाज की एकजुटता प्रदर्शित करेगी। राज्य के मुख्यमंत्री श्री चंपई सोरेन जी से आग्रह है कि प्रकृति महापर्व सरहुल पूजा को तीन दिवसीय राजकीय अवकाश घोषित करें ताकि राज्य के आदिवासी समाज के लोग इस प्रकृति महापर्व सरहुल पूजा को हर्षोल्लास के साथ मना सके ।
समिति की बसंती कुजूर ने कहा कि सरहुल पूजा आदिवासियों का मुख्य प्रकृति पर्व है, जिसमें आदिवासियों का धार्मिक पहचान प्रदर्शित होता है। इसलिए सरहुल पूजा में हमारी संस्कृतिक नृत्य गीत भेष भूषा के साथ ही सरहुल मनाने का समाज से आग्रह करते हैं।
बैठक में मुख्य रूप से समिति के मंगा उरांव, जगन्नाथ उरांव, शिबू उरांव, कोयली उरांव, सीमा कच्छप, सूरजु उरांव, भानु उरांव, झेले पाहन, आशीष लकड़ा, गहनी उरांव, शिवानी कच्छप , बिरसी उरांव, अनिता देवी, सोनी टोप्पो, आशीष लकड़ा, विशाल लिंडा, रोहन उरांव उपस्थित थे।
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