
लक्ष्य प्राप्ति में सुरक्षा और उत्पादन हैं एक दूसरे के पूरक इससे कामगारों का मनोबल रहता है ऊंचा: जीएम
चतरा:संवाददाता / टंडवा:चतरा : मंगलवार को आम्रपाली-चंद्रगुप्त परियोजना के महाप्रबंधक कार्यालय परिसर में 68 वां वार्षिक खान सुरक्षा सप्ताह कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जहां अतिथियों व गणमान्य लोगों द्वारा झंडोत्तोलन व दीप प्रज्ज्वलित करने के बाद सुरक्षा मानकों के अनुपालन की शपथ ली गई।
हेसातु विद्यालय की नन्ही बालिकाओं के आकर्षक नृत्य तथा स्वागत गान ने मौजूद लोगों का मन मोह लिया। जीएम अमरेश सिंह ने लोगों को संबोधित करते हुवे कहा कि सुरक्षित खदान से हीं उत्पादन लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।
आम्रपाली परियोजना ने इसी मूलमंत्र को अपनाकर पिछले वर्ष 24.85 मिलियन टन सुरक्षित कोल उत्पादन कर नंबर वन पर काबिज रहा। शून्य क्षति का सिलसिला बरकरार है जिससे कामगारों का मनोबल ऊंचा रहता है।
ईश्वर का शुक्र अदा करते हुवे उन्होंने कहा कि यहां काले हीरे में कभी भी लाल धब्बा नहीं लगा है। धरती का सीना चीरकर उत्पादित कोयले की आपूर्ति विभिन्न बिजली संयंत्रों में करके औद्योगिक गति और विकसित भारत के संकल्पों को साकार करने में भू-दाताओं और कुशल कर्मियों की बड़ी भूमिका है।
माइंस मैनेजर एसके सिन्हा ने कहा कि सत्र 2026-27 में 28 मिलियन टन कोल उत्पादन के लक्ष्यों को हासिल करने में निर्माणाधीन सेलो सीएचपी की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। आगे कहा कि जीवीटीसी की स्थापना होने के बाद सुलभ तौर पर प्रशिक्षण मिलने से कामगारों के दक्षता में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। कामगारों व ग्रामीणों के स्वास्थ्य का पूरा ख्याल रखा जाता है।
प्रदूषण नियंत्रण के लिए 14 टैंकर एवं दो मिस्ट कैनन संचालित हैं। इस मौके पर डीएमएस एजाज मोहम्मद, आइएसओ राकेश रंजन, परियोजना पदाधिकारी मो.अकरम, डिस्पैच अधिकारी शशिकांत भारती, सुरक्षा अधिकारी अशोक कुमार, कोलियरी इंजिनियर राजीव रंजन, डीजीएम इमामुद्दीन, मैनेजर अनूप भगत, सीएसआर अधिकारी मोहसिन रज़ा समेत कई अधिकारी, कामगार तथा स्थानीय ग्रामीण मौजूद थे।
