रांची: अंतरराष्ट्रीय आदिवासी दिवस पर शुक्रवार को कांके रोड सरना समिति के बैनर तल्ले अपने परंम्पारिक वेश-भुषा,ढाक नगाड़ो एवं आदिवासियों के धार्मिक,सामाजिक जमीनों को संरक्षण हेतू नारों के साथ कांके रोड चाँदनी चौक से मुख्यमंत्री आवास तक पेैदल मार्च कार्यक्रम किया गया। कांके रोड सरना समिति के अध्यक्ष डब्लू मुण्डा ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय आदिवासी दिवस के दिन पुरे आदिवासी समाज अपने आपको गर्व महसुस करते है मगर आज आजादी के 75 साल होने को है मगर अभी तक आदिवासियों को अपना मूल पहचान नही मिला है ऐ बहूत बड़ा दुर्भाग्य है हम लोगों के लिए। कार्यकारी अध्यक्ष शशि मुण्डा मुंडा ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय आदिवासी दिवस मनाने का असली मकसद आदिवासियों को एक सूत्र में बांधना और अपने धार्मिक,सामाजिक हक अधिकार के प्रति जागरूक करना है।
संरक्षक सोनू खलखो ने कहा की आज आदिवासियों समाज के ऊपर चौतरफा हमला हो रही उनके धार्मिक सामाजिक जमीनों को लूटा जा रहा है,पांचवी अनूसुची क्षेत्र का धड़ल्ले से उल्लंघन किया जा रहा है,वनाधिकार कानून का पालन नही किया जा रहा है इत्यादि अन्य और आदिवासियों का अधिकार है जिसे हम सभी को समझना जरूरी है। सचिव सतिश खलखो ने कहा कि आदिवासी समाज को अपने सामाजिक,धार्मिक एवं संवैधानिक हक-अधिकार को जानना और समझना होगा तभी आदिवासी समाज अपने आपको सुरक्षित कर पाऐंगा। इस पैदल मार्च कार्यक्रम में अध्यक्ष डब्लू मुंडा, कार्यकारी अध्यक्ष शाशि मुण्डा, उपाध्यक्ष सतीश खलखो, सलाहकार प्रकाश टोप्पो, महासचिव राजेश लकड़ा, सचिव रंजीत टोप्पो, उपसचिव लखन मुण्डा, कार्यकारणी सदस्य अमन हेमरोम, अमित खलखो, मंटू मुण्डा आदि मौजूद थे।
What do you feel about this post?
Like
Love
Happy
Haha
Sad
