द जन सभा, रांची | निरंजन भारती

कांके थाना क्षेत्र में 8 सितंबर की रात चौड़ी बस्ती के मसना के पास गोली चलने की सूचना से शुरू हुई जांच तीन दिन बाद पोटपोटो नदी की मझधार में मिले शव तक पहुंची। इसके बाद पुलिस ने तकनीकी साक्ष्य और मानवजनित सूचना के आधार पर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों के पास से पुलिस ने घटना में प्रयुक्त 7.65 एमएम बोर का पिस्टल, एक जिंदा कारतूस, एक गोली का खोखा, बजाज प्लेटिना मोटरसाइकिल और तीन स्मार्टफोन बरामद करने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार, हत्या की वजह पैसे और पार्टी को लेकर हुआ विवाद था। पुलिस ने बताया कि विवाद बढ़ने के बाद संजय गाड़ी ने राजन तिर्की पर पिस्टल से गोली चला दी। इसके बाद साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से अन्य आरोपियों की मदद से शव को पोटपोटो नदी के तेज बहाव में प्रवाहित कर दिया गया।
गोली चलने की सूचना से शुरू हुई कहानी
पुलिस के अनुसार, 8 सितंबर की रात चौड़ी बस्ती के मसना के पास गोली चलने की गुप्त सूचना कांके थाना पुलिस को मिली थी। सूचना मिलने के बाद थाना प्रभारी सह पुलिस निरीक्षक कुणाल कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची घटनास्थल का निरीक्षण करने पर सड़क पर काफी मात्रा में खून दिखाई दिया। खून के निशान एक दिशा में आगे बढ़ते नजर आए, लेकिन आसपास कोई घायल व्यक्ति नहीं मिला। इससे पुलिस को आशंका हुई कि किसी व्यक्ति को गोली मारकर वहां से हटाया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने वरीय अधिकारियों को इसकी जानकारी दी। निर्देश के बाद घटना के सत्यापन और उद्भेदन के लिए पुलिस टीम को सक्रिय किया गया।
खून के निशान से पोटपोटो नदी तक पहुंची पुलिस
पुलिस ने सड़क पर मिले खून के निशानों की दिशा का पीछा किया। निशान मसना के पास पोटपोटो नदी के किनारे तक जाते मिले। नदी के किनारे भी खून की बूंदें तथा मिट्टी और घास पर खून के निशान पाए गए। इसके बाद पुलिस ने पोटपोटो नदी में घायल व्यक्ति की तलाश शुरू की। रात में काफी खोजबीन के बावजूद तत्काल कोई घायल व्यक्ति या शव नहीं मिला। घटना की गंभीरता को देखते हुए घटनास्थल से संभावित साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया भी शुरू की गई। फोरेंसिक टीम की मदद से खून समेत अन्य संभावित साक्ष्यों को सुरक्षित किया गया।
रात खत्म हुई, लेकिन पुलिस ने तलाश नहीं रोकी
पहली रात शव नहीं मिलने के बावजूद पुलिस ने सर्च ऑपरेशन बंद नहीं किया। नदी के बहाव और आसपास के इलाकों को ध्यान में रखते हुए संभावित स्थानों पर तलाश जारी रखी गई। लगातार बारिश और नदी में तेज बहाव के कारण सर्च ऑपरेशन चुनौतीपूर्ण था। नदी में उतरकर शव की तलाश करना जोखिम भरा था, लेकिन पुलिस टीम ने अभियान जारी रखा। 9 और 10 सितंबर को भी नदी और उसके आसपास के संभावित क्षेत्रों में लगातार खोजबीन की गई। स्थानीय लोगों से भी जानकारी ली गई और नदी के बहाव की दिशा में संभावित स्थानों को चिह्नित किया गया।
जमीन से नदी तक तलाश, फिर ड्रोन की मदद
जब सामान्य तरीके से शव का पता नहीं चला तो पुलिस ने तलाश का दायरा और बढ़ाया। नदी के उन हिस्सों की निगरानी के लिए ड्रोन कैमरे की मदद ली गई, जहां जमीन से पहुंचना मुश्किल था। पुलिस टीम ने नदी के संभावित बहाव क्षेत्र पर लगातार नजर रखी। इसी दौरान 11 सितंबर की सुबह जयप्रकाश नगर के पास पोटपोटो नदी में ड्रोन से निगरानी के दौरान एक शव दिखाई दिया। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव को नदी से बाहर निकाला।
शव की पहचान राजन तिर्की के रूप में हुई
शव की पहचान राजन तिर्की के रूप में हुई, जो चामा (बुकरू), कांके का रहने वाला था। पुलिस के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में राजन तिर्की की मौत गोली लगने से होने की पुष्टि हुई है। उसके कान के पास गोली लगने से गंभीर जख्म पाया गया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि राजन की मौत गोली लगने के कारण हुई थी। रिपोर्ट ने पुलिस की शुरुआती आशंका की भी पुष्टि की है।
घर से निकलने के बाद वापस नहीं लौटा था राजन
जांच के दौरान यह भी जानकारी सामने आई कि राजन तिर्की 8 सितंबर को घर से गांव के ही रूपेश लिंडा के साथ घूमने की बात कहकर निकला था। इसके बाद वह वापस घर नहीं लौटा। शव मिलने के बाद पुलिस ने राजन की आखिरी गतिविधियों और उसके संपर्क में रहे लोगों की जानकारी जुटानी शुरू की। इसी दौरान जांच की दिशा हत्या की ओर बढ़ी।
तकनीकी साक्ष्य से तीन आरोपियों तक पहुंची पुलिस
पुलिस के अनुसार, तकनीकी साक्ष्य और मानवजनित सूचना के आधार पर मामले में तीन लोगों की संलिप्तता सामने आई। इनमें चौड़ी बस्ती निवासी संजय गाड़ी, आकाश महली उर्फ चुद्ध और नीतिन उरांव शामिल हैं। तीनों को पुलिस ने 11 सितंबर 2026 को विधिवत गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान आरोपियों ने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार करने की बात कही है।
9 हजार रुपये और पार्टी को लेकर हुआ था विवाद
पुलिस के मुताबिक, हत्या के पीछे पैसे और पार्टी को लेकर हुआ विवाद मुख्य वजह थी। जांच में सामने आया कि संजय गाड़ी को अपनी कार बेचने के एवज में अग्रिम राशि के रूप में 9 हजार रुपये मिले थे। पुलिस का कहना है कि मृतक राजन तिर्की सहित कुछ लोगों की ओर से उस रकम से पार्टी या भोज करने का दबाव बनाया गया था और पार्टी के नाम पर उससे रुपये ले लिए गए थे। पार्टी देने का कार्यक्रम तय था। इसी दौरान मसना के पास राजन तिर्की और संजय गाड़ी के बीच बकझक हो गई।पुलिस के अनुसार, विवाद बढ़ने के दौरान संजय गाड़ी ने अपनी कमर में रखे पिस्टल से राजन तिर्की पर गोली चला दी।
हत्या के बाद शव नदी में बहाने का आरोप
पुलिस का आरोप है कि गोली लगने के बाद राजन तिर्की की मौत हो गई। इसके बाद साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से संजय गाड़ी ने अन्य आरोपियों की मदद से शव को पोटपोटो नदी के तेज बहाव में प्रवाहित कर दिया। यही वजह बताई जा रही है कि घटनास्थल पर खून के निशान मिले, लेकिन वहां शव नहीं मिला। नदी के तेज बहाव में शव घटनास्थल से काफी दूर चला गया। इसी कारण पुलिस को संभावित बहाव क्षेत्र में तीन दिनों तक तलाश करनी पड़ी।
पिस्टल, कारतूस और बाइक बरामद
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के पास से कई सामान बरामद करने का दावा किया है। बरामद सामान में 7.65 एमएम बोर का एक पिस्टल, एक जिंदा कारतूस, एक गोली का खोखा, बजाज प्लेटिना मोटरसाइकिल और तीन स्मार्टफोन शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, बरामद हथियार को मामले में महत्वपूर्ण साक्ष्य माना जा रहा है और इसकी जांच की जा रही है।
संजय गाड़ी का आपराधिक इतिहास भी सामने आया
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी संजय गाड़ी का पूर्व आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। उसके खिलाफ सुखदेवनगर थाना कांड संख्या 80/22, दिनांक 22 फरवरी 2022, धारा 379/411 भारतीय दंड विधान के तहत मामला दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है।
कुणाल कुमार की टीम ने संभाला सर्च ऑपरेशन
तेज बारिश, उफनती नदी और मुश्किल हालात के बावजूद कांके थाना प्रभारी सह इंस्पेक्टर कुणाल कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने शव की तलाश का अभियान जारी रखा। कुणाल कुमार के अनुसार, घटनास्थल से मिले खून के निशानों का पीछा करते हुए पुलिस पोटपोटो नदी तक पहुंची। नदी में तत्काल शव नहीं मिलने के बाद संभावित बहाव क्षेत्र में सर्च बढ़ाया गया। लगातार बारिश और तेज धारा के बीच पुलिसकर्मी कई घंटों तक नदी और आसपास के इलाकों में तलाश करते रहे। कुणाल कुमार ने बताया कि “परिस्थितियां काफी चुनौतीपूर्ण थीं, लेकिन टीम ने हिम्मत नहीं छोड़ी। पुलिसकर्मी खुद नदी में उतरे और संभावित स्थानों पर लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया।” जमीन से तलाश के साथ ड्रोन कैमरे की मदद भी ली गई।
लगातार तीन दिनों की तलाश के बाद 11 सितंबर की सुबह जयप्रकाश नगर के पास पोटपोटो नदी में ड्रोन से एक शव दिखाई दिया, जिसके बाद पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर शव को बाहर निकाला। शव की पहचान चामा (बुकरू), कांके निवासी राजन तिर्की के रूप में हुई। कुणाल कुमार ने कहा कि “बारिश और नदी की तेज धारा के बावजूद टीम ने लगातार मोर्चा संभाले रखा और शव की तलाश में कोई कसर नहीं छोड़ी।” इस पूरे अभियान में एसएसपी रांची, ग्रामीण एसपी गौरव गोस्वामी और डीएसपी अमर कुमार पांडेय के मार्गदर्शन में कांके पुलिस टीम ने काम किया। शव बरामद होने के बाद पुलिस ने हत्या की जांच तेज की और तकनीकी साक्ष्य व मानवजनित सूचना के आधार पर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
वरीय अधिकारियों के निर्देशन में हुई कार्रवाई
पुलिस के अनुसार, पूरे अभियान में वरीय पुलिस अधिकारियों के निर्देशन में कार्रवाई की गई। छापामारी दल में वरीय पुलिस उपाधीक्षक (मु.) प्रथम अमर कुमार पांडेय, कांके थाना प्रभारी सह पुलिस निरीक्षक कुणाल कुमार, पु०अ०नि० मो. तंजिल खान, पु०अ०नि० प्रवीण रजक, पु०अ०नि० अरविन्द कुमार, पु०अ०नि० सतीश कुमार, पु०अ०नि० राज कुमार तिग्गा समेत कांके थाना का सशस्त्र बल शामिल था।
