रांची: जियो के चेयरमैन आकाश अंबानी ऑनलाइन गेमिंग उद्योग की शक्ल पूरी तरह बदलने वाले हैं। हाई-एनिमेशन या कहें हाई-एंड इंटेरेक्टिव गेम खेलने के लिए अब मंहगे गैजेट्स की जरूरत नहीं रह जाएगी। जियो क्लाउड गेमिंग टेक्निक के जरिए क्लाउड गेम्स ऑनलाइन खेलने के लिए यूजर को बस एक अच्छे इंटरनेट कनेक्शन और जियोगेम्स ऐप की जरूरत पड़ेगी। लैपटॉप, पीसी, स्मार्टफ़ोन, जियो सेट-टॉप बॉक्स और वेब ब्राउज़र पर गेमिंग की जा सकती है, वो भी बिना कुछ डाउनलोड किए। बस कोई भी गेम चुनिए और खेलना शुरू करिए। टेक्कन 7, एलडन और रिंग जैसे ट्रिपल-ए टाइटल गेम, अब जियो क्लाउड टेक्निक के माध्यम से आसानी से खेले जा सकेंगे।
गेमर्स 298 रु वाला जियोगेम्स ऐप का 28 दिनों की वैलेडिटी वाला प्लान ले सकते हैं। सब्सक्रिप्शन लेने पर जियोगेम्स पर उपलब्ध 500 ऑनलाइन गेम्स खेलने को मिलेंगे। इसके बावजूद गेमर्स अगर चाहें तो ‘स्टीम’ से अपने पसंदीदा गेम खरीद कर उन्हें जियो क्लाउड गेमिंग टेक्निक में जोड़ सकते हैं। यानी पूरा गेम अब जियो की क्लाउड गेमिंग पर शिफ्ट हो जाएगा। जियो की क्लाउड गेमिंग टेक्निक, हाईएंड ऑनलाइन गेमिंग के लिए मंहगे कंसोल की जरूरत को खत्म कर देगी। किसी भी ब्लूटूथ रिमोट के जरिए जियोगेम्स, गेमिंग कंसोल में तब्दील हो जाएगा। जियोगेम्स पर स्टूडेंट्स के लिए 48 रु का प्रो-पास सब्सक्रिप्शन भी उपलब्ध है, जो तीन दिनों तक वैलिड रहता है।
जियो की क्लाउड गेमिंग टेक्निक से उम्मीद लगाई जा रही है कि इससे देश में ई-स्पोर्ट्स को बढ़ावा मिलेगा। रिलायंस जियो ने इस क्लाउड गेमिंग टेक्नोलॉजी को दिल्ली के यशोभूमि में चल रही इंडिया-मोबाइल-कांग्रेस में प्रदर्शित किया है।
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