झारखंड में अपराधी और नशे के कारोबारियों पर पुलिस कड़ी कार्रवाई करने की तैयारी में है. किसी भी इलाके में नशे के सौदागर घूम रहे है तो पुलिस की उनपर कड़ी नजर है. साथ ही अपराधियों की लिस्ट बना कर सलाखों के पीछे भेजने में लगी है. पूरा पुलिस महकमा रेस है झारखंड को अपराध और नशे से मुक्त प्रदेश बनाने पर जोर दिया जा रहा है. जैसे ही अनुराग गुप्ता ने DGP का पदभार लिया उसके बाद ही सभी जिले के एसपी और अन्य पुलिस अधिकारियों को अपराधियों पर सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया है. देखे तो राजधानी रांची,जमशेदपुर और अन्य जिलों में नशे का कारोबार फल फूल रहा है. कारोबारी ड्रग्स, ब्राउन शुगर और डोडा अफीम की बिक्री कर रहे है. इस धंधे से समाज में युवाओं का भविष्य अंधकार में जा रहा है.
अपराध बढ़ने का एक अहम कारण नशा भी देखा जा है. नशे के लिए युवाओं के पास पैसा नहीं होता तो वह किसी भी वारदात को अंजाम दे दिया करते है.इसे रोकने के लिए सबसे पहले पुलिस नशे के सौदागरों पर लगाम लगाने में लगी है. इसके अलावा झारखंड के सभी जिलों में फरार चल रहे अपराधियों पर भी कड़ी कार्रवाई की जा रही है. DGP के आदेश के बाद सभी जिलों में विशेष अभियान चला कर वारंटी को जेल भेजा जा रहा है. साथ ही जो अपराधी हाल में जेल से बाहर आया है उसपे भी नजर रखी जा रही है. जिससे दोबारा किसी वारदात को अंजाम ना दे सके. इसमें आम लोगों से भी पुलिस सहयोग ले रही है. गली मुहल्ले में एक कमिटी बनाया जाएगा. जिससे किसी भी कीमत पर अपराधी बच ना सके.
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