
रांची: पटना की ऐतिहासिक रैली में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने साफ-साफ कहा कि यदि वे जेल से बाहर रहते तो भाजपा झारखंड में लोकसभा चुनाव में खाता तक नहीं खोल पाती. यह बात विपक्ष की ताकत और भाजपा के भय को उजागर करती है.
मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में स्पष्ट कर दिया कि यह संघर्ष किसी पार्टी का नहीं बल्कि संविधान और लोकतंत्र की रक्षा का है. जब हेमंत सोरेन जेल से बाहर आए और उनकी अगुवाई में इंडिया गठबंधन को झारखंड में जनता ने 2024 के विधानसभा चुनाव में अपना भरपूर आशीर्वाद दिया.
पूर्ण बहुमत की सरकार जनकल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर उतरकर जनभावनाओं के अनुरूप शासन कर रही है और यही बात विरोधी भाजपा को नहीं पच रही है.

श्री पांडेय ने कहा भाजपा नेताओं को अब यह समझ लेना चाहिए कि जनता उनके धनबल, ईडी, सीबीआई और इनकम टैक्स जैसे हथकंडों से डरने वाली नहीं है.
हेमंत सोरेन ने रैली से स्पष्ट संदेश दिया कि आदिवासी, दलित, किसान और पिछड़े वर्गों की आवाज को दबाने वाली भाजपा की साजिश अब बेनकाब हो चुकी है. यही कारण है कि भाजपा नेताओं को झूठे आरोप और शब्दों की तोड़मरोड़ कर सियासत करनी पड़ रही है.
उन्होंने भाजपा के आरोपों पर कटाक्ष करते हुए कहा कि भाषण में किसी शब्द की पुनरावृत्ति पर बयान जारी कर भाजपा अपनी सोच और मानसिकता को दिखाता रही है. असल मुद्दों पर बात करने के बजाय भाजपा झूठ और अफवाह परोस रही है.

विनोद पांडेय ने कहा कि आदरणीय शिबू सोरेन जी की विरासत बलिदान और संघर्ष की रही है. कांग्रेस और झामुमो का साथ लोकतंत्र और जनता के अधिकार बचाने की लड़ाई के लिए है. इसके विपरीत भाजपा लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर कर रही है और खरीद-फरोख्त की राजनीति कर रही है.
उन्होंने कहा कि भाजपा को झारखंडी अस्मिता की बात करने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। माननीय मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन जी का नेतृत्व झारखंड की अस्मिता और हक की रक्षा का प्रतीक है। जनता सब समझ रही है और आने वाले समय में भाजपा को मुंहतोड़ जवाब देगी.
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