रांची: ‘युवा संगम’ कार्यक्रम के तहत पंजाब केन्द्रीय विश्वविद्यालय से भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम), रांची पहुँचे विद्यार्थीगण शनिवार को राजभवन, रांची परिदर्शन हेतु आये।
राज्यपाल के प्रधान सचिव डॉ० नितिन कुलकर्णी ने प्रतिनिधियों से संवाद करते हुए कहा कि युवा संगम के तहत राजभवन, रांची आने वाले यह तीसरा दल है। सबसे पहले जम्मू-कश्मीर, उसके बाद हरियाणा से विद्यार्थी आए थे और आज आप लोग आए हैं। उन्होंने कहा कि झारखण्ड में लगभग 27% आबादी जनजातियों की है। झारखंड के भौगोलिक क्षेत्र का 33 प्रतिशत से अधिक हिस्सा वन व वृक्षों से आच्छादित है। यह राज्य खनिज संपदा से परिपूर्ण है, देश की लगभग 40% खनिज सम्पदा यहां मौजूद है। यहां कोयला का अपार भंडार है। उन्होंने कहा कि यहां भगवान बिरसा मुंडा समेत कई महान स्वतंत्रता सेनानी हुए।
उक्त अवसर पर विद्यार्थियों ने संवाद के क्रम में कहा कि सोशल मीडिया पर यहां के संदर्भ में बहुत कुछ देखा था। लेकिन यहां आकर बहुत कुछ प्रत्यक्ष रूप से देखने को मिला। झारखण्ड राज्य को वे लोग सिर्फ टाटा, महेंद्र सिंह धोनी के लिये प्रसिद्ध मानते थे। किन्तु यहां विभिन्न सामाजिक संस्थान हैं। यह राज्य प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण है एवं यहां के पर्यटन स्थल लोगों को आकर्षित करते हैं, जो रोजगार का भी सृजन कर सकता है। उनके द्वारा कहा गया कि यहां के जनजातीय समुदाय के लोग शिक्षित हैं तथा विभिन्न उच्च पदों पर आसीन हैं, यह देखकर अत्यंत प्रसन्नता हुई। राज्य कृषि के क्षेत्र में और प्रगति कर सकता है। यहां के लोग अच्छे व व्यवहार कुशल हैं।
पंजाब केंद्रीय विश्वविद्यालय के संकाय सदस्य द्वारा कहा गया कि हमारे विद्यार्थी यहां की संस्कृति से बहुत प्रभावित हुए हैं। ये यहां पंजाब के एंबेसडर बनकर आये थे और अब ये झारखण्ड के एंबेसडर बनकर जा रहे हैं।
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