शिक्षा पद्धति में स्किल से वैल्यू एडिशन में होगी बढ़ोतरी: मुकेश कुमार

झारखंड
Share Now


झारखण्ड कौशल प्रतियोगिता 2023-2024 का हुआ समापन

विजेता प्रतिभागी इंडिया स्किल्स 2023-2024 प्रतिस्पर्द्धा में लेंगे भाग

रांची: झारखण्ड कौशल विकास मिशन सोसाईटी एवं श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग द्वारा आयोजित झारखण्ड कौशल प्रतियोगिता 2023-2024 के पुरस्कार वितरण सह समापन समारोह में श्रम सचिव मुकेश कुमार ने विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया। उन्होंने विजेताओं को राष्ट्रीय स्तर पर ‘इंडिया स्किल्स 2023-2024’ प्रतिस्पर्धा के लिए शुभकामनाएं दीं।


मुकेश ने कहा कि  कौशल, किसी भी शिक्षा पद्धति में वैल्यू एडिशन करता है। बदलते वक्त के साथ हमें स्किल्स की जरूरत को समझने की आवश्यकता है, क्योंकि स्किल हमें समय के साथ चलने में मदद करता है। हम सबको पारंपरिक कौशल के अलावा भी नए क्षेत्रों को आजमाने की जरूरत है और इस क्षेत्र में हमें सामूहिक प्रयास करना होगा। उन्होंने स्किल क्षेत्र में भविष्य की संभावनाओं के बारे में बताते हुए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सिक्यूरिटी, कोडिंग, ब्लॉक चेन टेक्नोलॉजी और जीनोम मैपिंग के बारे में भी जानकारी दी।


बता दें कि गत 11 मार्च 2024 से शुरू पांच दिवसीय प्रशिक्षण सह प्रतियोगिता में राज्य भर से चयनित कुल 237 प्रतिभागियों ने राज्य विशष्ट 14 ट्रेड में भाग लेकर अपना हुनर दिखाया। प्रतियोगिता के विजेताओं को प्रथम पुरस्कार स्वरूप रु. 21000, द्वितीय पुरस्कार स्वरूप रु. 11000 एवं तृतीय पुरस्कार स्वरूप रु. 6000 की राशि प्रदान की जानी है। वहीं प्रतियोगिता के विजेता प्रतिभागी राष्ट्रीय स्तर पर ‘इंडिया स्किल्स 2023-2024’में भाग लेंगे, जहां देश भर के अलग अलग राज्यों के चयनित प्रतिभागी प्रतिस्पर्धा में भाग लेंगे। राष्ट्रीय स्तर पर विजेता प्रतिभागियों को इस साल फ्रांस के ल्योन शहर में आयोजित होने वाले ‘वर्ल्ड स्किल्स 2023-2024’ में भारत का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिलेगा।


संजीव कुमार बेसरा, श्रम आयुक्त सह मिशन निदेशक, झारखण्ड कौशल विकास मिशन सोसाईटी ने विजेताओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा हमारे युवा सिर्फ राज्य में ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय और अंतराष्ट्रीय स्तर पर भी अपना कौशल और हुनर दिखायें।

बी. के. सिंघा, क्षेत्रीय निदेशक, आरडीएसडीई ने विजेताओं को शुभकामना देते हुए कहा कि वर्ल्ड स्किल्स में जाने के लिए हमें जमीनी स्तर से शुरुआत और मेहनत करने की जरूरत है। मैं आशा करता हूं कि हमारे विजेता जो राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचे हैं, वो अंतराष्ट्रीय स्तर पर जाकर हमारे राज्य का नाम रौशन करें।

भुपेश कुमार, प्रार्चाय, आईएचएम ने प्रतिभागियों का हौसला बढ़ाते हुए कहा, कि मैंने प्रतियोगिता के दौरान हर प्रतिभागी को पूरी लगन और मेहनत से भाग लेते हुए देखा है। प्रतिभागियों ने मेरी उम्मीद से बढ़कर प्रतिभा का प्रदर्शन किया। मेरे लिए हर प्रतिभागी विजेता है।

What do you feel about this post?

0%
like

Like

0%
love

Love

0%
happy

Happy

0%
haha

Haha

0%
sad

Sad

0%
angry

Angry

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *