SIR की धीमी रफ्तार पर डीसी सख्त, खराब प्रदर्शन करने वाले ERO-AERO पर होगी कार्रवाई

रांची
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द जन सभा | डेस्क| रांची

58.11% और नो मैपिंग के 31.69% मामलों का हुआ निष्पादन, लंबित मामलों को जल्द निपटाने का निर्देश

मतदाता सूची को शुद्ध, पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने के उद्देश्य से चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR)-2026 के कार्यों में लापरवाही और धीमी प्रगति को लेकर रांची के जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने सख्त रुख अपनाया है। गुरुवार को आयोजित समीक्षा बैठक में डीसी ने जिले के सभी सात विधानसभा क्षेत्रों में निर्वाचन संबंधी कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान तार्किक विसंगति (Logical Discrepancy) और नो मैपिंग (No Mapping) से जुड़े लंबित मामलों के निष्पादन की स्थिति पर असंतोष जताते हुए संबंधित निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों (ERO) एवं सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों (AERO) को निर्धारित समय-सीमा के भीतर मामलों का सत्यापन और निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

खराब प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की तैयारी

समीक्षा बैठक में जिन ERO एवं AERO का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं पाया गया, उनके विरुद्ध शो-कॉज जारी करने के साथ आरोप पत्र गठित कर आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया। डीसी मंजूनाथ भजंत्री ने स्पष्ट किया कि निर्वाचन जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनावश्यक देरी अथवा जिम्मेदारी से बचने की प्रवृत्ति बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ काम करने, नियमित मॉनिटरिंग करने और लंबित मामलों के निष्पादन में तेजी लाने का निर्देश दिया।

रांची में 6.44 लाख नोटिस जनरेट, 82.67 प्रतिशत मामलों का निष्पादन

जिले में SIR-2026 के तहत अब तक कुल 6,44,071 नोटिस जनरेट किए गए हैं। इनमें 4,35,270 नोटिस तार्किक विसंगति से संबंधित हैं, जबकि 2,08,801 नोटिस नो मैपिंग के मामलों में जारी किए गए हैं। प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार, तार्किक विसंगति के 2,52,949 मामलों और नो मैपिंग के 66,160 मामलों को अंतिम निष्पादन के लिए पार्क किया गया है। तार्किक विसंगति के मामलों में 58.11 प्रतिशत और नो मैपिंग के मामलों में 31.69 प्रतिशत निष्पादन दर्ज किया गया है। वहीं, जिले के कुल 19,79,987 मतदाताओं में से 16,36,949 मामलों का निष्पादन किया जा चुका है। इस प्रकार जिले की कुल निष्पादन दर 82.67 प्रतिशत बताई गई है।

सिल्ली सबसे आगे, हटिया और रांची विधानसभा में अपेक्षाकृत कम प्रगति

विधानसभावार आंकड़ों पर नजर डालें तो सिल्ली विधानसभा क्षेत्र 91.02 प्रतिशत निष्पादन के साथ जिले में सबसे आगे है। खिजरी में 87.88 प्रतिशत, मांडर में 87.47 प्रतिशत, तमाड़ में 85.79 प्रतिशत, कांके में 79.50 प्रतिशत और रांची विधानसभा क्षेत्र में 77.30 प्रतिशत निष्पादन दर्ज किया गया है। वहीं, हटिया विधानसभा क्षेत्र 74.77 प्रतिशत निष्पादन के साथ जिले में सबसे पीछे है। इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि सभी विधानसभा क्षेत्रों में कार्यों की प्रगति एक समान नहीं है और कुछ क्षेत्रों में लंबित मामलों के निष्पादन के लिए अतिरिक्त प्रयास की जरूरत है।

नो मैपिंग के मामलों में हटिया की स्थिति चिंताजनक

नो मैपिंग से संबंधित मामलों के निष्पादन में विधानसभा क्षेत्रों के बीच काफी अंतर देखने को मिला है। सिल्ली में 42.35 प्रतिशत, मांडर में 41.38 प्रतिशत, खिजरी में 38.63 प्रतिशत, रांची में 36.37 प्रतिशत, कांके में 33.03 प्रतिशत और तमाड़ में 24.06 प्रतिशत मामलों का निष्पादन हुआ है। वहीं, हटिया विधानसभा क्षेत्र में नो मैपिंग के मामलों का निष्पादन महज 21.59 प्रतिशत है। दूसरी ओर, तार्किक विसंगति के मामलों में खिजरी 72.19 प्रतिशत निष्पादन के साथ सबसे आगे है, जबकि रांची विधानसभा क्षेत्र में यह आंकड़ा 50.88 प्रतिशत है।

मतदाता जागरूकता पर भी डीसी का जोर

बैठक में इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब (Electoral Literacy Club) की गतिविधियों की भी समीक्षा की गई। डीसी मंजूनाथ भजंत्री ने संबंधित अधिकारियों को विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में निर्वाचन साक्षरता से जुड़ी गतिविधियों को नियमित रूप से संचालित कराने और उनकी प्रभावी मॉनिटरिंग करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए युवाओं और नए मतदाताओं की सक्रिय भागीदारी बेहद जरूरी है। इसके लिए निर्वाचन साक्षरता एवं मतदाता जागरूकता कार्यक्रमों को गंभीरता से लागू करना होगा।

समय-सीमा में काम पूरा करने का निर्देश

जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने सभी ERO एवं AERO को स्पष्ट निर्देश दिया कि विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 के तहत सौंपे गए दायित्वों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निष्पादन सुनिश्चित करें। प्रशासन का लक्ष्य मतदाता सूची को अधिक सटीक, पारदर्शी और अद्यतन बनाना है। बैठक में जिले के सभी विधानसभा क्षेत्रों के निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी, सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी और अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

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