शराब घोटाले मामले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में छत्तीसगढ़ से झारखंड तक एक साथ कई ठिकानों पर छापेमारी की. झारखंड में सीनियर आईएएस विनय चौबे और राज्य सरकार के अधिकारी गजेंद्र सिंह, शराब व्यापारियों और उनसे जुड़े लोगों के परिसरों के ठिकानों पर छापेमारी की गई. चौबे राज्य में 2022 की आबकारी नीति के कार्यान्वयन के दौरान झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के प्रधान सचिव थे.(एसीबी) की प्राथमिकी पर संज्ञान लेते हुए संघीय जांच एजेंसी के झारखंड कार्यालय द्वारा मामला दर्ज किए जाने के बाद रांची और रायपुर में 15 परिसरों पर छापे मारे जा रहे हैं.
बताया जा रहा है कि झारखंड में हुए शराब घोटाले मामले में छत्तीसगढ़ में बैठकर नीति तय की गई थी. ऐसे में आबकारी विभाग के अधिकारियों और पूर्व अधिकारियों पर इसमें कार्रवाई की बात सामने आ रही है.
What do you feel about this post?
Like
Love
Happy
Haha
Sad
