120-170 मिलियन यूरो के निवेश से एक मेगा सम्मेलन और व्यापार प्रदर्शनी केंद्र विकसित करने  का मिला प्रस्ताव

कारोबार झारखंड रांची
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यात्रा का उद्देश्य झारखंड में विदेशी निवेश को बढ़ाना

भारत की जीडीपी में झारखंड का हिस्सा 2.5 प्रतिशत जबकि विदेशी निवेश मात्र 0.98 प्रतिशत

स्पेन और स्वीडन झारखंड में निवेश के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण देश: अरवा राजकमल

रांची: उद्योग सचिव अरवा राजकमल ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के नेतृत्व में स्पेन और स्वीडन गए प्रतिनिधिमंडल ने झारखंड में निवेश हेतु विदेशी निवेशकों को आमंत्रित किया । इस दौरान हमें कई निवेशकों के प्रस्ताव भी मिले साथ ही कई कंपनी ने झारखंड में निवेश करने हेतु रुचि दिखाई है। उक्त जानकारी उद्योग विभाग के सचिव अरवा राजकमल ने दी । उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने स्पेन एवं स्वीडन के विभिन्न उद्यमियों से कहा है कि झारखंड में निवेश की सुगम सुविधा हेतु यूरोपीय कंपनियों के लिए एक समर्पित डेस्क स्थापित किया जायेगा। उन्होंने बताया कि स्पेन में टेस्ला ग्रुप एस के चेयरमैन दुसान लिचार्ड्स ने ग्रुप की रोमानिया गिगिया फैक्ट्री परियोजना के बारे में प्रस्तुति दी और बैटरी भंडारण उत्पादन के निर्माण के लिए झारखंड में एक समान परियोजना स्थापित करने हेतु करीब 150 मिलियन यूरो के निवेश की रुचि व्यक्त की है । साथ ही  झारखंड सरकार को आरसीडी एस्पेनयोल फुटबॉल क्लब से झारखंड में खेल विकास में सहयोग के लिए झारखंड में फुटबॉल कोचों को प्रशिक्षण देने के लिए एक समझौता ज्ञापन का प्रस्ताव मिला । इसके अलावे रांची में 120-170 मिलियन यूरो के निवेश से एक मेगा सम्मेलन और व्यापार प्रदर्शनी केंद्र विकसित करने के लिए Lol प्राप्त हुआ। अरवा राजकमल सोमवार को सूचना भवन स्थित सभागार में पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे ।


स्पेन और स्वीडन यात्रा के दौरान झारखंड में विदेशी निवेशकों को आमंत्रण

अरवा राजकमल ने कहा कि झारखंड में विदेशी निवेश के मकसद से यूरोपीय देश स्पेन एवं स्वीडन गए प्रतिनिधिमंडल ने स्पेन के बार्सिलोना स्थित निर्माणाधीन यूरोप के सबसे बड़े स्टेडियम एफसी बार्सिलोना स्टेडियम और संग्रहालय का दौरा किया इस दौरान वहां एफसी बार्सिलोना की उपाध्यक्ष एलेना फोर्ट के साथ बैठक की । साथ ही डी गावा संग्रहालय का भी दौरा किया ,वहाँ एक पुराने खनन स्थल को एक जियोलॉजिकल म्यूजियम में बदल दिया गया है । इस दौरान मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने भी झारखंड के चाईबासा में भी इसी तरह के स्थलों को जियोलॉजिकल म्यूजियम में बदलने और पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए बनाने का निदेश दिया ।

बार्सिलोना में ही एक इन्वेस्टर मीट भी आयोजित किया गया, जहां भारतीय प्रवासियों ने मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन से मुलाक़ात की । वन टू वन मीटिंग कर खेल से संबंधित मार्केटिंग एंड ब्रांडिंग , आईईएसई बिजनेस स्कूल में उद्यमिता संकाय ,पर्यावरण स्थिरता सहित कई विषयों पर चर्चा की गई । निवेशकों ने झारखंड में एक बेहतरीन स्टार्टअप पॉलिसी के तहत काम  करने की रुचि व्यक्त की। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने उन्हें राज्य में संभावित निवेश की तलाश करने हेतु प्रोत्साहित किया ।

प्रतिनिधिमंडल ने “फिरा दी बार्सिलोना इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर”  का किया दौरा

राजकमल ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल ने “फिरा दी बार्सिलोना इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर” का दौरा किया,जो यूरोप के सबसे बड़े और सबसे आधुनिक प्रदर्शनी स्थलों में से एक है । यहाँ स्पेन में भारत के माननीय राजदूत की उपस्थिति में माननीय मुख्यमंत्री को रांची में 120-170 मिलियन यूरो के निवेश से एक मेगा सम्मेलन और व्यापार प्रदर्शनी केंद्र विकसित करने के लिए Lol प्राप्त हुआ । इसके बाद वैश्विक निवेशकों के लिए मैड्रिड का दौरा किया गया।  अरवा राजकमल ने बताया की स्वीडन में गोथेनबर्ग में उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने 50 से अधिक वैश्विक निवेशकों के समक्ष झारखंड में विनिर्माण ,इलेक्ट्रिक वाहन ,खनिज अन्वेषण और प्रसंस्करण तथा स्वच्छ ऊर्जा से संबंधित निवेश क्षेत्रों को दर्शाया गया । इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने गोथेनबर्ग में वोल्वो ट्रक संयंत्र का दौरा किया । मुख्यमंत्री  हेमन्त सोरेन ने झारखंड में खनन कार्यों में भारी ट्रकों की बढ़ती मांग को देखते हुए झारखंड में एक मेगा विनिर्माण इकाई स्थापित करने के लिए वोल्वो को आमंत्रित किया।

यूरोपीय देशों की यात्रा से झारखंड की ब्रांड वैल्यू में होगा सुधार

पत्रकारों को संबोधित करते हुए उद्योग सचिव अरवा राजकमल ने कहा कि किसी भी देश के निवेशकों को झारखंड में निवेश हेतु आमंत्रित करने के लिए विजीबिलिटी बहुत जरूरी है और यह यात्रा स्पेन और स्वीडन में झारखंड की विजीबिलिटी के लिहाज से काफ़ी महवपूर्ण था।
यात्रा पूरा होने के एक सप्ताह के भीतर ही सात निवेश प्राप्त हुए । इसलिए अन्य राज्यों की तरह ही विदेशी निवेश के लिए उस देश की कंपनियों के साथ निरंतर जुड़ाव जरूरी है । उन्होंने कहा कि  करीब 9 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद कोई झारखंड से सरकारी प्रतिनिधिमंडल विदेशी दौरे पर गया । इस यात्रा से विदेशों में झारखंड की उपस्थिति दर्ज होगी और झारखंड की ब्रांड वैल्यू में सुधार होगा ।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्य रूप से उद्योग निदेशक सुशांत गौरव, खनन आयुक्त राहुल कुमार सिंहा, एमडी जिडको वरुण रंजन ,समेत कई विभागीय पदाधिकारी उपस्थित थे।

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