संभावित खतरे के खिलाफ जरूरी है पोलियो जागरूकता
रांची: रोटरी क्लब, डब्ल्यूएचओ एवं भारत सरकार एवं झारखंड सरकार के संयुक्त अभियान के तहत 25-27 अगस्त को राष्ट्रीय टीकाकरण अभियान चलाया जाएगा. पल्स पोलियो ड्रॉप्स सरकारी अस्पतालों, स्वास्थ्य एवं ग्राम क्लिनिक में निशुल्क उपलब्ध है. हमारे देश में प्रत्येक 100 में से 99 बच्चे को पोलियोरोधी दवा, टीका या ड्रॉप्स के रूप में प्राप्त हो चुकी है. यही वजह है कि पिछले एक दशक से भारत पोलियोमुक्त है. लेकिन भविष्य में इसके आने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है. क्योंकि पड़ोसी देश पाकिस्तान, अफगानिस्तान में अभी भी पोलियो वायरस मौजूद है. ऐसे में पोलियो का जड़ से सफाया करने व भविष्य में उसके प्रसार को रोकने के लिए हर बार पोलियो अभियान की सफलता जरूरी है. वर्ल्ड पोलियो डे के अवसर पर इन्हीं उद्देश्यों को ध्यान में रखते हुए रोटरी क्लब व्यापक प्रचार-प्रचार के माध्यम से जागरूकता फैलाने की मुहिम में जुटा है।
पोलियो नेशनल कमिटी के वरीय सदस्य जोगेश गंभीर ने डिस्ट्रिकट 3250 के सभी रोटरियनों को आह्वान करते हुए कहा कि जब तक पूरी दुनिया पोलियो मुक्त नहीं हो जाती, तब तक हम यह दावे से नहीं कह सकते कि भविष्य में हमारे देश में पोलियो का मामला नहीं आयेगा. इसलिए वर्तमान पोलियो मुक्त भारत की स्थिति को बरकरार रखने के लिए हर बार सभी को अपनी जिम्मेवारी निभानी होगी।
रोटरी क्लब में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में रोटरी रांची के अध्यक्ष गौरव बाग़रॉय ने कहा कि रोटरी के सार्थक प्रयास से देश से पोलियो का खात्मा हो चुका है. लेकिन पूरी दुनिया से इसे जड़ से मिटाने में क्लब अपना प्रयास निरंतर जारी रखेगा. उन्होंने कहा कि पोलियो के खिलाफ भारत की रणनीतिक लड़ाई टीके से बचाव योग्य रोगों के संबंध में भारत की सार्वजनिक स्वास्थ्य नीति की सफलता की कहानी है।
डिस्ट्रिकट पोलियो कमिटी चेयरमैन कुसुम ने बताया कि सभी रोटेरियन पोलियो को दो बुंद की दवा से उसके खात्मे का आह्वान करेंगे।
पुर्व अध्यक्ष प्रवीण राजगढ़िया ने कहा कि 13 जनवरी, 2011 को वाइल्ड पोलियो वायरस का अंतिम मामला दर्ज किया गया था. देश में इसका संक्रमण न बढ़े, इसके लिए सतर्कता और जागरूकता दोनों जरूरी है. ऐसे में पोलियो के खिलाफ जागरूकता अभियान को और जोरदार तरीके से सफल बनाकर हम पोलियो का जड़ से उन्मूलन करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दर्शायें।
रांची मिड टाउन के अध्यक्ष दीप्तेश नवल ने कहा पोलियो अभियान की सफलता के लिए विभिन्न स्थानों में जागरूकता अभियान के बैनर पोस्टर लगाएंगे जिसमें रोटरी रोट्रेक्ट के सदस्यों के अलावा इससे जुड़े क्लब के सदस्य सक्रिय रहेंगे. सभी नागरिकों को पोलियोरोधी दवा का महत्व बताया-समझाया जायेगा।
रोटरी रांची पोलियो कमिटी के चेयरमेन लोकेश साहू एवं हर्मिंदर सिंह ने कहा की शहरों एवं पढ़े लिखे वर्ग के बीच हमें ज्यादा चैलेंज के साथ काम करना पड़ता है. ऐसे वर्ग को लगता है कि जब एक बार दवा पिला दी गई है, तो अब आगे इसकी जरूरत क्या है. लेकिन ऐसे लोगों से कहना है कि जब भी कैंप लगे, वे अपनी सोच को बदलें और बार-बार व लगातार पोलियो ड्राप्स की खुराक बच्चे को दे ।
क्यों जरूरी है पोलियो ड्राप
वर्ल्ड हेल्थ आर्गेनाइजेशन से डाक्टर कुमार सुधानंद ने कहा की कई सालों से हम सुनते आ रहे हैं, ‘दो बुंद जिंदगी की’ और ये पूरी दुनिया में साबित हो गया है कि मानव स्वास्थ को खतरनाक बीमारियों से बचाने के लिए पोलियो की दवा कितनी महत्वपूर्ण है। हर साल बार बार बच्चों को पोलियो ड्राप पिलाने एवं जागरूकता अभियान चलाने के पीछे का उद्देश्य इस खतरनाक बीमारी के खिलाफ लोगों को जागरूक करना एवं इसे जड से ख़त्म करना है।
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