
रांची: झारखंड की राजनीति में इन दिनों नए राजनीतिक समीकरण बनने की चर्चाएं तेज हो गई हैं। सूत्रों के अनुसार दक्षिण छोटानागपुर क्षेत्र में निवास करने वाले तेली समाज के एक बड़े और प्रभावशाली नेता झारखंड मुक्ति मोर्चा के संपर्क में बताए जा रहे हैं। समाज में उनकी पहचान एक ईमानदार और साफ-सुथरी छवि वाले नेता के रूप में रही है और राज्य के विभिन्न हिस्सों में भी उनकी अच्छी स्वीकार्यता मानी जाती है।
राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि झारखंड मुक्ति मोर्चा लगातार भाजपा के पारंपरिक वोट बैंक में सेंध लगाने की रणनीति पर काम कर रहा है। हाल के दिनों में धनबाद से शेखर अग्रवाल और कोडरमा से शालिनी के झामुमो में शामिल होने के बाद इस तरह की अटकलों को और बल मिला है।
सूत्रों का कहना है कि निकट भविष्य में तेली समाज के कई अन्य नेता भी झारखंड मुक्ति मोर्चा का दामन थाम सकते हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि झारखंड में साहु-तेली समाज लंबे समय से बड़ी संख्या में एक खास राजनीतिक दल को समर्थन देता रहा है, लेकिन अगर समाज के प्रतिनिधित्व और अपेक्षाओं की लगातार अनदेखी होती है तो राजनीतिक झुकाव में बदलाव की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
हालांकि अभी तक संबंधित नेताओं की ओर से इस विषय पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इस संभावित बदलाव को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है।
